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टीआईटीएस जैसी संस्थाएं भारत के भविष्य को आकार देने में निभा रहीं अहम भूमिका : दत्तात्रेय

Sun, 13 Apr 2025 01:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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टीआईटीएस भिवानी में वार्षिक दिवस समारोह में राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय को सम्मानित करते प्रो. ब
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भिवानी। टेक्नोलॉजिकल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्सटाइल एंड साइंसेज भिवानी में वार्षिक दिवस समारोह हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंने कहा कि टीआईटीएस भिवानी जैसी संस्थाएं भारत के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहीं हैं। स्वदेशी तकनीकों और नवाचारों की यह प्रदर्शनी आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में एक बड़ा कदम है।
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राज्यपाल ने कहा कि युवाओं में उत्साह और ऊर्जा की कमी नहीं है और आवश्यकता है कि वे इन्हें सही दिशा में लगाएं। सरकार की ओर से नशा मुक्त हरियाणा की मुहिम चलाई जा रही है, युवा वर्ग इसे गंभीरता से ले और नशा से दूर रहे जिससे सामाजिक समस्याएं उत्पन्न ना हों। विशिष्ट अतिथि नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रेडिटेशन के चेयरमैन प्रो. अनिल डी. सहस्रबुद्धे ने कहा कि तकनीकी शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान देना नहीं, बल्कि समाज को बेहतर बनाने वाले नवाचार उत्पन्न करना भी है।
टीआईटीएस भिवानी इस दिशा में अनुकरणीय कार्य कर रहा है। छात्रों में उद्योग-उन्मुख सोच और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना देखना अत्यंत उत्साहजनक है। विशिष्ट अतिथि प्रो. राजबीर सिंह व महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने कहा कि शिक्षा तब सार्थक होती है जब वह चरित्र निर्माण, कौशल विकास और सामाजिक उत्थान के लिए प्रेरित करे।
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विशिष्ट अतिथि उद्योगपति अनिल जैन ने कहा कि आज मैं गर्व से कह सकता हूं कि टीआईटीएस ने मेरी नींव रखी थी। जो मूल्य, अनुशासन और शिक्षा मुझे यहां मिले, वही मेरी औद्योगिक यात्रा की आधारशिला बने। मैं छात्रों से कहना चाहूंगा - बड़े सपने देखो, कड़ी मेहनत करो, और कभी हार मत मानो।
टीआईटीएस संस्थान के निदेशक प्रो. बीके बेहरा ने कहा कि टीआईटीएस केवल तकनीकी ज्ञान का केंद्र नहीं, बल्कि नवाचार, नेतृत्व और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतीक है। हमारा लक्ष्य एक ऐसा शैक्षणिक वातावरण निर्मित करना है जहां छात्र केवल सिद्धांतों को न सीखें, बल्कि उन्हें प्रयोग में लाकर समाज की वास्तविक समस्याओं का समाधान खोजें। उन्होंने कहा कि हम छात्रों को थिंकर्स और डूअर्स दोनों के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। कार्यक्रम में लक्ष्मण गौड़ व चंद्रशेखर आजाद ओपन ग्रुप का भी सहयोग रहा।
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