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Bhiwani News: आरओ वाटर कैंपर संचालकों की बेमियाद हड़ताल ने बढ़ाई शहरवासियों की मुश्किलें, पीने के पानी के पड़े लाले

Tue, 14 May 2024 10:52 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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भिवानी में आरओ वाटर कैंपर संचालकों की बेमियाद हड़ताल की वजह से मंगलवार को कहीं पर भी कैंपर नहीं
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भिवानी। शहर में आरओ वाटर कैंपर संचालकों की बेमियाद हड़ताल की वजह से मंगलवार को कहीं पर भी कैंपर नहीं पहुंचाए गए। ऐसे में दुकान, मकान और संस्थान सभी में पीने के पानी को लेकर लाले पड़ गए। कैंपर सप्लाई नहीं होने की वजह से हैंडपंप के सहारे ही लोग प्यास बुझाने में लगे रहे।
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दरअसल, भिवानी शहर के आसपास करीब 45 आरओ सिस्टम लगे हुए हैं, जिनसे शहरभर में करीब 25 हजार से अधिक कैंपरों की सप्लाई दी जा रही है। जिन हिस्सों में ये कैंपर पहुंचते हैं, वहां पर पानी की कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं हैं। कैंपर संचालकों की हड़ताल से लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं। वहीं मंगलवार सुबह कैंपर संचालक शहर के नेहरू पार्क में एकत्रित हुए और आगामी रणनीति पर चर्चा की।
आरओ यूनियन के प्रधान नवीन धमीजा ने कहा कि भूमिगत पानी का इस्तेमाल करने पर शहर के पांच से छह आरओ सिस्टम संचालकों को प्रशासन की तरफ से नोटिस दिए गए हैं। ये नोटिस मिलने के बाद वे डीसी से मिले थे, जिन्होंने एसडीएम के पास भेज दिया। एसडीएम ने 25 मई के बाद इस मामले में बैठक कराने की बात कही है, लेकिन भविष्य में वैज्ञानिक विधि और लाइसेंस लेने पर ही आरओ संचालन की हिदायत भी दी है।
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आरओ संचालकों का कहना है कि वे अपना आरओ खुद ही बंद कर देंगे, प्रशासन को इसमें कष्ट करने की जरूरत नहीं है। शहर में खुद सरकारी विभाग भूमिगत पानी का दोहन करते हैं, यहां तक की प्राइवेट मिल ने भी लोगों के प्लाॅट किराये पर लेकर आधा दर्जन समर्सिबल पंप लगाकर भूमिगत पानी का दोहन कर रहा है। शहर में वाॅशिंग स्टेशन भी भूमिगत पानी का दोहन कर उसे बर्बाद कर रहे हैं, जबकि आरओ संचालक तो पानी को पीने में ही इस्तेमाल कर रहे हैं, जिस पर भी प्रति कैंपर मात्र दस रुपये ले रहे हैं।
आरओ संचालकों का कहना है कि प्रशासन ने 47 नियम पूरे करने का नोटिस थमाया है, यहां छोटे प्लांट चल रहे हैं, जिनके लिए पांच से छह लाख रुपये खर्च करना बजट से बाहर है। वहीं विभागों की अनाप शनाप शर्तों पर भी खरा नहीं उतर पाएंगे। ऐसे में प्रशासन सील करे, इससे पहले वे अपने आरओ खुद ही बंद कर देते हैं।
पिछले सप्ताह ही मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की टीम के साथ संबंधित विभागों के अधिकारियों ने आरओ की जांच की थी, जिसमें बिना वैज्ञानिक विधि के पानी को शुद्ध करते हुए पाया गया था, न ही किसी आरओ संचालक के पास कोई लाइसेंस या अनुमति थी। ऐसे में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से उनको नोटिस जारी किए गए हैं, नोटिस में नियम पूरे नहीं किए जाने पर उन्हें सील किए जाने की भी अधिकारियों ने चेतावनी दी थी। ऐसे में आरओ संचालकों में अब हड़कंप मचा है। इसी हड़बड़ी में उन्होंने बेमियाद हड़ताल कर कैंपर सप्लाई बंद कर दी है। चिलचिलाती गर्मी में पहले से ही गंदे पानी की समस्या झेल रहा शहर का बड़ा तबका कैंपर से ही प्यास बुझा रहा है। अब ये लोग या तो हैंडपंप का पानी गटक रहे हैं या फिर सप्लाई में आने वाले पानी को ही उबालकर पी रहे हैं।
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शहर की इन जगहों पर बनी कैंपर बंद होने से परेशानी
शहर के इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट मार्केट, हांसी गेट बाजार, घंटाघर बाजार, सराय चौपटा, किरोड़ीमल मंदिर क्षेत्र बाजार, बिचला बाजार, बर्तन बाजार, कपड़ा मार्केट, महावीर घाटी, सर्राफा बाजार, पुरानी अनाज मंडी, घोसियान चौक, जैन चौक, दादरी गेट बाजार, अग्रसेन चौक रोहतक गेट, महम गेट क्षेत्र, पुराना बस स्टैंड क्राउन प्लाजा मार्केट में कैंपर नहीं पहुंचने से पीने के पानी की दिक्कत बनी। इन हिस्सों के बाजार के प्रतिष्ठानों पर कैंपर से ही पानी की प्यास बुझती है।
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नारेबाजी कर जताया आओ संचालकों ने रोष
नेहरू पार्क में आरओ संचालकों ने प्रशासन के नोटिस के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। कैंपर संचालकों ने अपने पानी के कैंपरों के साथ रोष प्रदर्शन किया और बैठक में निर्णय लिया कि जब तक इस प्रकरण में फैसला नहीं होता उनकी हड़ताल जारी रहेगी।
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