गांव खरक में आयोजित धरने को संबोधित करता वक्ता।
खरककलां। गांव खरक कलां में ग्रामीण यूजीसी रोल बैक, आरक्षण व्यवस्था और एससी-एसटी एक्ट के मौजूदा प्रावधानों के विरोध में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं।
ग्रामीणों ने छह सितंबर को बवानीखेड़ा में होने वाली मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की विकास रैली के बहिष्कार का एलान किया है। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी।
12 धामाण खाप के कार्यकारी अध्यक्ष कैप्टन अमर सिंह, सैय गांव निवासी सुरेंद्र तंवर और जयहिंद मंच से प्रदीप ने कहा कि ग्रामीणों ने भाजपा सहित अन्य राजनीतिक दलों के खिलाफ विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान नीतियों से सामान्य वर्ग के प्रतिभाशाली युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
शिक्षा और भर्ती में आरक्षण की मौजूदा व्यवस्था से योग्य युवाओं के अवसर प्रभावित हो रहे हैं। एससी-एसटी एक्ट के कथित दुरुपयोग से बिना निष्पक्ष जांच के लोगों को प्रताड़ित किया जा रहा है। इससे सामाजिक ताना-बाना प्रभावित हो रहा है। कैप्टन अमर सिंह ने कहा कि जब तक सरकार इन कानूनों में बदलाव नहीं करती तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि सामान्य वर्ग ने हमेशा राष्ट्रहित और सामाजिक एकता के लिए त्याग किया है लेकिन सरकारों ने वोट बैंक की राजनीति के कारण इस वर्ग को हाशिए पर धकेला है। सरकार ने मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन पूरे प्रदेश में बड़े जन आंदोलन का रूप लेगा।