भिवानी। कस्बा बवानीखेड़ा में पिछले दस साल से सीवर और गली बदहाल स्थिति में हैं। इसके अलावा भी अधूरे पड़े विकास कार्य चुनावों में मुख्य मुद्दे रहने वाले हैं। नगर पालिका चुनाव की घोषणा के साथ ही लोगों के मुंह पर पुराने दबे मुद्दे उभर कर आने लगे हैं।
लोगों का कहना है कि अभी तक नगर पालिका पार्षदों व चेयरमैन का समय था। लेकिन अब समय जनता का आ गया है। विकास की गति को विराम लगाने के पीछे पूर्व पार्षदों की गुटबाजी हावी रही।
लोगों ने कहा कि पिछले दस साल से नपा पार्षद चेयरमैन को बनाने व तोड़ने में ही लगे रहे। लोगों में इसका रोष है। आने वाले चुनावों में वोट की चोट से जवाब देने का काम किया जाएगा।
बवानीखेड़ा में 15 से बढ़ाकर 16 किए वार्ड
बवानीखेड़ा कस्बे में पहले 15 वार्ड थे। लेकिन अब बढ़ाकर 16 वार्ड कर दिए हैं। पिछले दस साल से पार्षद चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने में व्यस्त रहे। इसका नतीजा ये रहा कि कस्बा विकास के मामले में दस साल पीछे चला गया। लोग पूरी तैयारी के साथ भावी उम्मीदवार के रूप में आ रहे पूर्व पार्षद व चेयरमैन को जवाब देने की तैयारी किए हुए हैं।
कस्बे के मुख्य मुद्दे
-कस्बे के सभी वार्डों में गली व सीवर बदहाल स्थिति में है।
-सफाई कर्मचारी की कमी के चलते कचरे का उठान धीमा है।
-शहीद गुलाब सिंह पार्क का सौंदर्यकरण अधूरा है।
-चोरी की घटना पर लगाम लगाने के लिए सीसीटीवी कैमरों की सुविधा नहीं है।
-स्ट्रीट लाइट की किसी प्रकार की सुविधा नहीं है।
-कस्बे में लगी हाईमास्ट लाइट दो साल से बंद है।
-बाबा कमाल झील का निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ है।
-हर्बल पार्क का निर्माण पूरा नहीं हुआ।
-बाबा बंदा बहादुर कम्युनिटी सेंटर का अधूरा निर्माण कार्य।
-दमकल केंद्र की सुविधा नहीं है।