भिवानी। एक गाड़ी चालक के दस्तावेजों पर जीएसटी नंबर लेना महंगा पड़ गया। उसके पास आयकर विभाग ने 31.67 करोड़ बकाया का नोटिस भेजा तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। अब पीड़ित नोटिस के दस्तावेज लेकर न्याय की गुहार लगा रहा है। वहीं, पुलिस का कहना है कि इस तरह के मामलों में आयकर विभाग की प्रारंभिक जांच करेगा।
गांव प्रहलादगढ़ निवासी राजसिंह ने बताया कि वह टाटा-407 चलाता है। उनके नाम पर जीएसटी नंबर लेकर कुछ लोगों ने 2020-21 में करीब 31.67 करोड़ रुपये का लेनदेन किया। इस पर इनकम टैक्स ने उनके घर नोटिस भेजकर उससे जवाब तलब किया है। उसने इनकम टैक्स कार्यालय पहुंचकर भी सफाई दी कि उसने कभी जीएसटी नंबर नहीं लिया न ही उसने कोई करोड़ों का लेनदेन किया।
राजसिंह के जिन दस्तावेजों से जीएसटी नंबर जारी हुआ है। उसके बैंक खातों से 31.67 करोड़ रुपये से अधिक की ट्रांजेक्शन भी हुई है। मगर, उसने जीएसटी टैक्स की राशि जमा नहीं कराई है। विभाग के पोर्टल पर भी इसकी जानकारी दर्शायी गई है, जिसके बाद आयकर विभाग ने उसे 15 दिन का नोटिस थमा जवाब मांगा है। राज सिंह ने अपने साथ हुई दस्तावेजों की धोखाधड़ी की पुलिस थाना में शिकायत भी दर्ज कराई है।
हमारे पास इस तरह की कोई शिकायत नहीं आई है। अगर किसी के दस्तावेजों के नाम से जीएसटी नंबर जारी हुआ है तो इसकी आयकर विभाग प्रारंभिक जांच करेगा। जिस व्यक्ति के नाम से जीएसटी फर्म का नंबर जारी हुआ है उसके दस्तावेजों का सत्यापन भी होता है। -विकास कुमार, प्रबंधक, साइबर अपराध, पुलिस थाना भिवानी।