बड़ चौक के पास 20 जून की शाम को बुलेट स्पेयर पार्ट्स की दुकान संचालक अनुज की हत्या ममेरे भाई मंजीत ने ही नामी बदमाश राहुल सांगा के साथ मिलकर की थी। वारदात में तीन नाबालिग सहित छह लोग शामिल थे। सीआईए पुलिस ने दो नाबालिग को गिरफ्तार कर लिया है। जिसके बाद हत्या की दो वारदात के अलावा पुलिस हिरासत से बदमाश को छुड़वाने, व्यापारी पर गोली चलाने, गाड़ी लूटने संबंधित वारदात का भी खुलासा हुआ। अनुज की हत्या ममेरे भाई मंजीत ने ही अपनी बहन की शादी में हुई मामूली कहासुनी को लेकर की।
हालांकि पुलिस का दावा है कि मंजीत की मौसी की लड़की की शादी की सारी जिम्मेदारी अनुज संभाल रहा था जबकि परिवार के सदस्यों ने उन दोनों भाइयों को किनारे कर दिया था। उसे यह भी शक था कि अनुज के उसकी मौसी के साथ गलत संबंध है। इसके अलावा पारिवारिक पैसे के बटवारे को लेकर भी विवाद बताया जा रहा है। फिलहाल पुलिस वारदात में शामिल मंजीत मास्टर, राहुल सांगा, विद्यानगर वासी नवीन नब्बू, आशीष व अन्य एक अन्य नाबालिग आरोपियों की तलाश में जुटी है।
उल्लेखनीय है कि 20 जून की शाम करीब साढ़े चार बजे बड़ चौक के पास महम रोड पर बुलेट बाइक के स्पेयर पार्ट्स विक्रेता जगरामबास वासी करीब 23 वर्षीय अनुज की दो बाइक पर आए चार बदमाशों ने करीब 14-15 गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। वारदात के बाद बदमाश गलियों के रास्ते फरार हो गए थे। इसी मामले में पुलिस ने दो नाबालिग लड़कों (करीब साढ़े 17 वर्ष) को अनाजमंडी से गिरफ्तार किया है। पूछताछ में दोनों बड़ी-बड़ी वारदात के खुलासे किए तो पुलिस भी हैरान रह गई। दोनों नाबालिग भिवानी जिले के ही हैं। एक शहर के नजदीकी गांव से है तो दूसरा बहल थाना क्षेत्र से है। दोनों ने पूछताछ में खुलासा किया कि अनुज हत्याकांड का मास्टर माइंड बदमाश राहुल सांगा है। उस दिन दो बाइक पर वे आए थे। एक बाइक को आशीष चला रहा था तो दूसरी को एक नाबालिग। एक बाइक के मंजीत और दूसरी बाइक के पीछे नवीन नब्बू सवार थे। नवीन और मंजीत ने ही गोलियां चलाई। गिरफ्तार दूसरा नाबालिग कार लिए कलानौर में उनका इंतजार कर रहा था। यहां वारदात को अंजाम देने के बाद सभी ने कलानौर में कार में हथियार रखे और कपड़े बदले। बाइक अन्य युवक लेकर और ये सभी कार से फरार हो गए।
फोटो खींचने के दौरान हुई कहासुनी बनी हत्या का कारण
प्राथमिक पूछताछ में दोनों ने बताया कि मंजीत अपने बड़े भाई संदीप के साथ हिसार में रहता था। डीएसपी हेड क्वार्टर वीरेंद्र सिंह ने खुलासा करते हुए बताया कि मंजीत की माता निर्मला का 1999 में निधन हो गया था। जिसके बाद वर्ष 2000 में मंजीत के पिता ने अमीर सिंह ने दूसरी शादी कमला के साथ कर ली। अमीर सिंह रेलवे में था। जिसका वर्ष 2011 में निधन हो गया। 2012 में मंजीत और संदीप अपनी सौतेली मां कमला से अलग रहने लगे। कमला को एक लड़का व एक लड़की हुई। लड़की की 28 अप्रैल 2019 में शादी थी। जिसमें मंजीत और संदीप भी आए हुए थे। वहीं जगराम बास वासी अनुज का भाई रेलवे में रोहतक था। जबकि कमला भी रेलवे में अपनी पति की जगह टिकट चेकिंग में लगी हुई है। इसी कारण अनुज कमला के संपर्क में आया और वह कुछ दिन कमला देवी के विद्यानगर स्थित किराये के मकान में रहा। इसी कारण आना-जाना था। अनुज भी कमला की बेटी की शादी में आया हुआ था। डीएसपी ने बताया कि शादी समारोह में अनुज को ज्यादा जिम्मेदारी देने और मंजीत व उसके भाई को नजरअंदाज करने के कारण मंजीत रंजिश रखे था। इसके अलावा मंजीत को यह भी शक था कि उसकी सौतेली मां के साथ गलत संबंध हो सकते हैं। इस कारण उनका शादी के दौरान भी झगड़ा हुआ था। इसके अलावा अमीर सिंह की मौत के बाद मिली उसकी राशि को लेकर भी विवाद था और अनुज कमला का पक्ष लेकर मंजीत को रुपये देने का विरोध कर रहा था। वहीं परिजनों की माने तो फोटो खिंचवाने को लेकर मामूली कहासुनी आरोपी मंजीत के बड़े भाई संदीप और मृतक अनुज के बीच हुई थी। अन्य कोई बात नहीं थी। रुपयों का कोई विवाद नहीं था।
अनुज हत्याकांड में दो नाबालिग लड़के पकड़े गए हैं। जिन्होंने बताया कि मंजीत ने ही हत्या करवाई। मंजीत ने बदमाश राहुल सांगा के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। बदमाश राहुल सांगा झज्जर के बदमाश नरेश सेठी गैंग के साथ मिलकर अपराध करता है और उस पर हत्याओं सहित कई केस दर्ज हैं।
- वीरेंद्र सिंह, डीएसपी हेडक्वार्टर