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लूट के 82 में से 68 लाख बरामद

Fri, 28 Nov 2014 12:33 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, भिवानी
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जमीन बेच कर हिसार जा रहे बुजुर्ग व्यक्ति से दिनदहाड़े 82 लाख रुपये की लूट की वारदात की 72 घंटे के भीतर पुलिस ने सुलझा ली है। पुलिस ने बुजुर्ग के भतीजे (साले का बेटा) व उसके एक दोस्त को गिरफ्तार कर 68 लाख रुपये बरामद कर लिये हैं। यह राशि पुलिस ने बुजुर्ग के साले के बेटे सुंदर के भिवानी स्थित घर से बरामद की।
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गत 24 नवंबर की सायं भिवानी के पीपली वाली जोहड़ी के समीर फाटक पार की अपनी डेढ़ किला जमीन बेचकर घर वापस लौट रहे हिसार जिले के खरड़ गांव वासी रीछपाल, उसके भतीजे रामशरण, साले के बेटे सुंदर से 82 लाख रुपये छीन लिए गए थे। इस सनसनीखेज वारदात के बाद से ही पुलिस गहनता से मामले की जांच में जुटी थी। पुलिस का सबसे पहला शक रीछपाल के साले के बेटे सुंदर पर गया। उस पर दबाव बनाया तो पूछताछ में तोते की तरह सब कुछ उगल दिया।

बृहस्पतिवार शाम पुलिस ने बरामदी व गिरफ्तारी के साथ ही सनसनीखेज मामले के पटाक्षेप कर दिया। पुलिस के हत्थे चढ़े मुख्य आरोपी सुंदर ने बताया कि जमीन का बयाना होने के बाद ही उसके मन में लालच आया और अपने दोस्त व पड़ोसी पवन के साथ उसके आरओ प्लांट पर योजना बनाई। उन्होंने खरड़ गांव जाने के लिए भी पवन की गाड़ी ली। पवन ने अपने दोस्त कुलदीप को योजना में शामिल किया।
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कुलदीप झज्जर जिले के फतेहपुरी का रहने वाला है। किसी को उन पर शक ना हो इसके लिए घटना बाहर के लोगों से घटना को अंजाम देने की योजना बनाई। कुलदीप अपने दो दोस्तों मातनहेल क्षेत्र के गांव नंदा वासी राजू व बहादुरगढ़ के लोहारड़ी वासी संदीप को लेकर आया। हनुमान गेट पर जमीन बिकवाने वाले बिचौलिये के घर से 82 लाख रुपये लेकर सुंदर अपने घर पहुंचा। यहां रीछपाल व उसके भतीजे रामशरण ने अधिक राशि होने पर पुलिस को साथ लेने या बैंक में जमा कराने की बात कही। मगर सुंदर ने मना कर दिया।

लूट की इस वारदात का खुलासा करने में सीआईए इंचार्ज राजपाल, एसआई अत्तर सिंह, एसएचओ लीलाराम, मनोज, सुंदर, बिजजेंद्र, दिलबाग का अहम रोल रहा। एसआई अत्तर सिंह ने बताया कि पकडे़ गए सुंदर और पवन को शुक्रवार सुबह कोर्ट में पेश किया जाएगा।

82 लाख के होने थे तीन बंटवारे
सुंदर और पवन ने लूट की योजना बनाई। कौन कितने रुपये लेगा इसकी भी पहले ही योजना बनाई गई। योजना के तहत पूरी रकम के तीन हिस्से करने का फैसला किया। एक सुंदर का, दूसरा पवन का और तीसरा अंजाम देने वाले तीनों युवकों का। अंजाम देने वाले तीनों युवक 10-15 दिन बाद अपने हिस्से की राशि लेने आने वाले थे मगर अंतिम समय में वे 14 लाख रुपये अपने साथ ले गए।

सुंदर ने मददगार फूफा को ही लूटा
पुलिस महकमे को हिला देने वाली इस लूट की वारदात का सूत्रधार सुंदर पर 17 लाख का कर्ज था। जमीन का सौदा होने के फौरन बाद बुजुर्ग रीछपाल ने 20 लाख रुपये बयाना राशि सुंदर को थमा दी, ताकि उसे जल्द से कर्ज के बोझ से मुक्ति मिले। फूफा रीछपाल ने इतना बड़ा दिल दिखाया, मगर रूपयों के लालच में अंधे सुंदर ने मददगार फूफा को धोखा दिया और रच डाली 82 लाख रुपये की लूट की योजना।

यह सब पुलिस जांच में सामने आया है। लूट की वारदात में साजिश रचने वाले सुंदर और पवन, अंजाम देने वाले कुलदीप, राजू, संदीप पांचों साधन-संपन्न है। सुंदर की अलमारी बनाने की फैक्ट्री और काफी जमीन भी है। कुलदीप का आरओ प्लांट है। मातनहेल  क्षेत्र के नंदा गांव वासी राजू के भाई की ट्रैक्टर एजेंसी है और वह अपने भाई का सहयोग करता था। पवन के पास काफी जमीन है और खेतीबाड़ी करता है। रूपयों के लालच में पांचाें इतने अंधे हुए कि परिवार के बारे में भी नहीं सोचा। संदीप के भरोसे तो उसके बुजुर्ग माता-पिता है। अब इनका जेल जाना तय है।
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