हांसी गेट स्थित प्राचीन शिव मंदिर के पिछले हिस्से की विवादित भूमि पर भूमाफिया द्वारा अवैध रूप से रातोंरात शोरूम का निर्माण कर दिया गया। इस अवैध निर्माण को पहले भी नगर परिषद ने रुकवा दिया था। इस संबंध में नगर परिषद द्वारा नोटिस देने की तैयारी थी कि इसी बीच रातोंरात ही शोरूम का निर्माण कर दिया। मंगलवार को नप चेयरमैन को जब इसकी भनक लगी तो उन्होंने अवैध निर्माण को तुड़वाने के लिए कर्मचारियों की टीम भेजी, मगर कर्मचारी भी कुछ ही हिस्से पर पीला पंजा चलाकर महज खानापूर्ति करके लौट आए।
दरअसल पूरे शहर में प्राचीन जोहड़ों, नगर परिषद की भूमि व अन्य सरकारी भूमि पर भूमाफिया की नजर है। कई जगह इस तरह के प्रयास किए जा रहे हैं, मगर नगर परिषद के अधिकारी तमाशबीन बने हुए हैं। जिला प्रशासन भी ऐसे मामलों में कार्रवाई करने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है।
एक सितंबर को भी रुकवाया गया था काम
हांसी गेट चौक के समीप पटेल नगर और पुराना हाउसिंग बोर्ड की तरफ जाने वाले मार्ग के नुक्कड़ पर विवादित प्राचीन शिव मंदिर व नगर परिषद की भूमि है। इसी विवादित भूमि पर अवैध निर्माण को लेकर पहले भी नगर परिषद प्रशासन कई बार कार्रवाई कर चुका है। मगर भूमाफिया यहां करोड़ों रुपयों की भूमि पर नजर जमाए बैठा है। एक सितंबर को दिन के समय विवादित भूमि पर अवैध निर्माण कार्य चलने की सूचना पर नप कर्मचारियों ने काम रुकवा दिया था। उस समय भी मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद नप प्रशासन जागा था। इसके बाद भी भू-माफिया बाज नहीं आए और रातोंरात रुकवाए गए निर्माण की जगह पर पहले दीवार बना डाली और फिर रातोंरात ही अवैध रूप से शोरूम निर्माण के लिए छत भी बना डाली।
मंदिर में भी लगा डाला एक और नया गेट
हांसी गेट से पटेल नगर की तरफ जाने वाले मार्ग पर विवादित मंदिर में पहले कोई गेट नहीं था, मगर मंगलवार को इस तरफ दीवार तोड़कर नया गेट बनाने का काम शुरू कर दिया। यहां पर नया गेट बनाने के साथ ही अवैध रूप से शोरूम निर्माण का काम भी चल रहा था। इसी मंदिर की करोड़ों की कीमत की विवादित भूमि पर भूमाफिया ने अवैध निर्माण के चक्कर में 23 जून 2008 को नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन नंदलाल चावला की गोली मारकर हत्या कर दी थी। तभी से यह मंदिर व नगर परिषद की विवादित भूमि काफी संवेदनशील दायरे में आ रही है।
नप अधिकारियों की मिलीभगत से हो रहा है सब
स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बृजपाल सिंह परमार ने आरोप लगाया कि शहर के ऐतिहासिक जोहड़ों, प्राचीन मंदिरों व नगर परिषद की बेशकीमती भूमि पर भूमाफिया द्वारा नप अधिकारियों की मिलीभगत से अवैध कब्जे और अवैध निर्माण किए जा रहे हैं। नगर परिषद के समक्ष काफी शिकायतें आ रही हैं, लेकिन इन शिकायतों पर अधिकारी समय रहते कोई कदम नहीं उठा रहे हैं। ऐसे मामलों को संगठन अब उच्च न्यायालय में ले जाएगा।
वर्जन-
विवादित जगह पर अवैध निर्माण को टीम भेजकर तुड़वाया है। इससे पहले भी इस जगह पर अवैध निर्माण को रोकने के संबंध में नप कर्मचारी मौके पर भेजे थे, जिन्होंने काम को रुकवा दिया था। भविष्य में ऐसे प्रयास होंगे तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- रणसिंह यादव, चेयरमैन, नगर परिषद, भिवानी