इलाके में रविवार को उस समय दहशत फैल गई, जब कस्बे के लोहारू-पिलानी रोड पर सैकड़ों मुर्गियां मृत हालत में मिली। इस घटना के बर्ड फ्लू कनेक्शन को लेकर लोग भयभीत हैं। अनुमान है कि मुर्गियां किसी संक्रामक रोग से पीड़ित होंगी और पड़ोसी राज्य राजस्थान से इन्हें यहां फेंका गया है। चिंता की बात यह है कि प्रशासन की तरफ से जांच के लिए न तो मुर्गियों के शव कब्जे में लिए गए और न ही कोई तहकीकात करने की कोशिश हुई।
रविवार सुबह जब आसपास के खेतों में रहने वाले लोगों तथा सड़क मार्ग से गुजरने वाले आम राहगीरों सड़क किनारे मृत हालत में पड़ी मुर्गियों को देखकर सकते में आ गए। मुर्गियों के शवों को कुत्ते नोंच चुके थे। बड़ा खतरा यह भी है कि अगर ये मुर्गियां किसी संक्रामक बीमारी से ही मरी हैं तो इनको खाने वाले कुत्तों के संपर्क में आने या हवा के माध्यम से इंसान इसकी चपेट में आ सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी दादरी रोड पर कई बार मरी हुई मुगियां मिली हैं मगर पुलिस-प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। अब जबकि दिल्ली, हरियाणा, गुजरात, राजस्थान सहित अनेक राज्यों में स्वास्थ्य विभाग व पूरी सरकारी मशीनरी बर्ड फ्लू के खतरे से निपटने के लिए हाई अलर्ट पर है तब इस प्रकार खुले में तरी हुई मुर्गियों का पाया जाना गंभीर लापरवाही को ही दर्शाता है। लोहारू सामान्य अस्पताल के प्रभारी एसएमओ डा. धर्मेंद्र सांगवान का कहना है कि मुर्गियों की मौत के बारे में उन्हें कोई सूचना नहीं मिली है।