फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चप्पे-चप्पे पर होगी सीसीटीवी कैमरे की नजर

Sat, 31 Jan 2015 12:54 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, भिवानी
विज्ञापन
विज्ञापन
शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय के हालिया निर्देश के बाद फिर से शहर के प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की उम्मीद जगी है। बजट नहीं होने के कारण पिछले करीब एक साल से शहर में सीसीटीवी कैमरे लगाने का मामला ठंडा पड़ा हुआ था।
विज्ञापन


शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय ने दो रोज पूर्व पत्र लिखकर स्टेटस रिपोर्ट मांगी। स्थानीय नगर परिषद अधिकारियों ने सर्वे रिपोर्ट भेजते हुए बजट नहीं होने की बात कही। इस मुद्दे पर शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय अधिकारियों की बैठक भी हुई और उम्मीद जगी है कि जल्द ही सीसीटीवी कैमरों के लिए बजट मुहैया कराया जाए।

हाईकोर्ट की ओर से करीब दो साल पहले शहर में सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश आए थे। इसके बाद शहर में सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रस्ताव नगर परिषद की बैठक में भी पास किया गया। चूंकि कैमरे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए लगाए जाने थे तो इसका पूरा कंट्रोल पुलिस विभाग को देने की प्लानिंग बनी। प्रशासन के निर्देश पर शहर में सीसीटीवी लगाने के लिए सर्वे हुआ और करीब 26 स्थानों का चयन किया गया।
विज्ञापन


शहर के सभी मुख्य चौक-चौराहों, सार्वजनिक स्थलों व बड़ी शिक्षण संस्थाओं के बाहर कैमरे लगाने के लिए चुना। कैमरों का कंट्रोल रूम एसपी ऑफिस में बनाया जाना था। योजना सिरे चढ़ती उससे पहले ही नप चेयरमैन पद के लिए उठापटक शुरू हो गई। तत्कालीन चेयरमैन विजय पंचगावा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया। इन सबके बीच मामला दब गया। उसके बाद से नगर परिषद व जिला प्रशासन को मामले को भूला दिया।

तीन-चार रोज पूर्व शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय की ओर से डीसी कार्यालय और नगर परिषद में पत्र भेजा गया और सीसीटीवी कैमरों की अपडेट रिपोर्ट मांगी गई। नगर परिषद ने फिलहाल सर्वे रिपोर्ट व बजट नहीं होने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ा है। उधर इस मुद्दे पर शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय अधिकारियों की बैठक भी हुई है। जिसके बाद उम्मीद लगाई जा रही है कि निदेशालय ही कैमरे लगाने के लिए किसी बजट का प्रावधान करे।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें