भिवानी। निजी स्कूलों में वसूली जा रही फीस और शिक्षकों को दिए जाने वाले वेतन का समुचित ब्योरा अब माध्यमिक शिक्षा निदेशालय को जमा कराना होगा। ऐसा नहीं करने वाले निजी स्कूलों की भी खैर नहीं। क्योंकि निदेशालय ने कोताही पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। सभी मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों को नया शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले शपथ-पत्र देना होगा।
शिक्षा निदेशालय ने अदालती झगड़ों से निपटने के लिए सभी निजी स्कूलों से आगामी शिक्षा सत्र में बच्चों से ली जाने वाली फीस, फंड, छात्रों को दी जाने वाली सुविधाओं और अध्यापकों को दिए जाने वाले वेतन का ब्योरा मांगा है। स्कूल संचालकों को फार्म-6 के आनलाइन पोर्टल पर पीडीएफ फार्मेट में तमाम वांछित जानकारी अपलोड करनी होगी। शिक्षा निदेशक ने इस संबंध में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और मौलिक शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी कर दिए हैं।
भिवानी जिले में कुल 459 निजी स्कूल हैं, जिसमें 62 प्राइमरी, 124 मिडिल, 128 हाई स्कूल और 145 वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय हैं। इनमें इन सभी स्कूलों को हर साल फीस बढ़ाने से पहले निर्धारित तिथि तक निदेशालय को फार्म-6 भरकर देना होता है। जो स्कूल तय अवधि में फार्म-6 भरकर नहीं देता, उसे अगले शैक्षणिक सत्र में फीस बढ़ाने की अनुमति नहीं दी जाती। इनमें वर्तमान में बड़ी संख्या में निजी स्कूल ऐसे हैं, जिन्होंने अभी तक फार्म-6 नहीं भरा है। ऐसे में इन स्कूलों को नए शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले फार्म-6 भरना होगा। अगर कोई स्कूल ऐसा नहीं करता है तो इसके खिलाफ माध्यमिक शिक्षा निदेशालय की ओर से विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जा सकती है।
शिक्षा सत्र के बीच में नहीं कर सकते वेतन व फीस में बदलाव
नियमानुसार फार्म-6 पर दी गई प्रस्तावित फीस व फंड्स के ब्योरे व अन्य सभी जानकारी की जांच पड़ताल करने के बाद शिक्षा निदेशक से मंजूरी मिलने के बाद ही स्कूल संचालक आगामी शिक्षा सत्र में फीस बढ़ा कर वसूल सकते हैं। इसके अलावा कोई भी निजी स्कूल विद्यार्थियों की फीस व स्टाफ के वेतन में सत्र के बीच में कोई बदलाव नहीं कर सकता। सभी निजी स्कूलों को निर्धारित फार्मेट में शिक्षण स्टाफ का वेतन, अधिकतम अनुमेय शुल्क वृद्धि, मौजूदा छात्रों पर लागू शुल्क संरचना और नया दाखिला लेने वाले छात्रों के लिए शुल्क संरचना की जानकारी पोर्टल पर देनी होगी। स्टाफ के वेतन में पिछले साल जनवरी की तुलना में इस साल जनवरी तक कितने प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है। अदालती मुकदमों में इन दस्तावेजों को साक्ष्य के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा।
कोई भी निजी स्कूल सत्र के बीच में विद्यार्थियों की फीस व स्टाफ के वेतन में कोई बदलाव नहीं कर सकता है। निदेशालय की ओर से निजी स्कूलों को फार्म-6 भरने के बारे में आदेश जारी किए हैं, जिन्हें जिले के सभी मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों को भेज दिया है। अगर कोई निजी स्कूल इस फार्म को भरने में गुस्ताखी करता है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- रामअवतार शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी, भिवानी।