भिवानी। गर्मी में गर्म हवाओं के साथ ही एसी की ठंडी हवाएं भी आंखों को नुकसान पहुंच रही हैं। शहर के राजकीय नेत्र अस्पताल व मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में प्रतिदिन आंखों में खुजली, जलन व दर्द की समस्या लेकर मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें अधिकतर मरीज युवा रहते हैं।
राजकीय नेत्र अस्पताल में जहां प्रतिदिन 280 से 300 मरीजों की जांच की जाती है। वहीं, मेडिकल कॉलेज की नेत्र रोग ओपीडी में 180 से 220 मरीज प्रतिदिन आंखों की जांच करवाने के लिए आ रहे हैं। चिकित्सक भी मरीजों को गर्मी के मौसम में मरीजों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज की नेत्र रोग विभाग की ओपीडी में हर तीसरा रोगी इस समस्या से ग्रसित आ रहा है। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. हरजीत ने बताया कि कार्निया की सबसे ऊपरी परत पर टीयर फिल्म होती है। जब पलक झपकती है, तो टीयर फिल्म का पानी आंख में फैल जाता है और आंख में नमी बनी रहती है।
गर्मी के मौसम में गर्म हवा के संपर्क में आने से टीयर फिल्म का पानी सूख जाता है, जिससे आंख में खुजली, लाल होना और दर्द की समस्या होती है। उन्होंने बताया कि ऐसा सिर्फ गर्म हवा से ही नहीं बल्कि एसी की हवा से भी होता है। एसी की हवा में ठंडक होती है, मगर नमी नहीं होती है। इससे भी आंख का पानी सूख जाता है।
खासकर उनकी आंखों का, जो कार चलाते समय एसी की हवा सीधे अपनी तरफ करते हैं। वह बताते हैं कि एसी की ठंडी हवा में बैठकर लंबे समय तक कंप्यूटर पर काम करने या मोबाइल की स्क्रीन देखने से भी आंख का पानी सूख जाता है। बहुत लोग तेज पंखा चलाकर लेट जाते हैं, वह भी आंख सुखाने का काम करता है। इस कारण सावधानी बरतने की जरूरत है।
ऐसे करें बचाव :
चिकित्सकों ने बताया कि आंख का पानी सूखने पर आंख में तेज खुजली, आंख लाल होने और दर्द की समस्या होती है। ऐसे में डॉक्टर को दिखाएं, अपनी मर्जी से किसी भी प्रकार की दवा आंखों में ना डालें। उन्होंने बताया कि आंख का पानी सूखने से बचाने के लिए एसी सामान्य तापमान पर चलाएं। सीधे एसी की हवा से बचें और पंखे के नीचे नहीं बैंठे। समय-समय पर आंख को ठंडे पानी से धोते रहें। अगर संभव हो तो दोपहर को घर में ही रहें। घर से निकलते समय चश्मा जरूर पहनें।