भिवानी। बिजली निगम की कार्यप्रणाली भी कमाल है। 10 महीने बंद रहे बिजली मीटर का बिल थमा दिया 17 लाख 94 हजार 404 रुपये। जिस घर का यह बिल आया उस घर की कीमत बमुश्किल 12 लाख है। अब बिजली निगम अधिकारियों ने आनन-फानन में परिवार को छह हजार रुपये का भुगतान करने के लिए कहां है। साथ ही बिल कैसे गलत आया इसकी जांच की बात भी कही है।
शहर के गोशाला मार्केट में झांड वाली गली में रहने वाली बिमला व उसके बेटे विनोद ने बताया कि उनका औसतन बिल पांच सौ से छह सौ रुपये तक आता है। 10 माह पहले मीटर की रीडिंग नहीं आ रही थी। इसके बाद उसने बिजली निगम में इसकी शिकायत की। उसका मीटर जांच के लिए भेजा गया। अब जांच के बाद मीटर को बिल्कुल सही बताया है। मगर इस दौरान 10 महीने तक कोई बिजली बिल नहीं आया। अब बिल आया है 17 लाख 94 हजार 404 का। यह देख परिवार के सभी सदस्य हैरान रह गए। उन्हें लगा कि बिजली बिल गलत बन गया और ठीक करवाने गए तो बिजली निगम कर्मचारी आना-कानी करने लगे। महिला ने बताया कि इतना बिजली बिल आया है कि मकान भी बेच दे तो भी नहीं चुका सकते। इसके बाद उसने कुछ मीडिया कर्मियों को इस बारे में बताया। महिला ने बताया कि अब बिजली निगम कर्मचारियों ने उन्हें छह हजार रुपये भरने के लिए कहा है।
इस मामले में बिजली निगम के एक्सईएन संजय रंगा ने बताया कि बिल अधिक आने की फोन पर सूचना मिली है मगर अभी बिल नहीं देखा है। अगर ऐसा है तो इसकी जांच करवाई जाएगी। 20 हजार से अधिक के बिल की तो वैसे ही अलग से जांच की जाती है।