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पांच करोड़ के ‘वचन’ पर मचा घमासान

Sun, 03 Apr 2016 11:59 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला
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भिवानी। केएम पब्लिक स्कूल के बच्चों की फीस में से पांच करोड़ देने के ‘वचन’ के खुलासे के बाद घमासान मच गया है। गजब बात यह है कि स्कूल के पूर्व चेयरमैन उस सरकारी प्रोजेक्ट के लिए पांच करोड़ देना चाहते हैं, जो फिलहाल अस्तित्व में ही नहीं है। पूर्व चेयरमैन ने जिला उपायुक्त व स्कूल के प्रशासक को पत्र भेजकर अपनी इस इच्छा से अवगत कराया है।
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सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, गत 22 मार्च को स्कूल प्रबंध समिति के पूर्व चेयरमैन कालीचरण केसान ने जिला उपायुक्त को पत्र लिखकर अवगत कराया कि अकाउंट्स व रिन्यूअल आदि कार्यों के लिए बैंक के लॉकर में रखी स्कूल की एफडीआर (फिक्स डिपाजिट रिसिप्ट) निकलवाई थी। अब यह एफडीआर उनके पास रखी है। अपने पत्र में पूर्व चेयरमैन ने प्रशासक को बताया कि स्कूल की बचत राशि में से उन्होंने (चेयरमैन) राज्य सरकार को पांच करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराने का वचन दिया है। यह राशि मुख्यमंत्री की ओर से घोषित नए गल्र्ज स्कूल के निर्माण के लिए है। इस पत्र की एक-एक प्रति स्कूल के प्रशासक व जिला उपायुक्त और प्रिंसिपल को भी भेजी गई है। पत्र में प्रशासक से इस मामले में आदेश व मार्गदर्शन मांगा है।
यहां यह उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने पिछले साल जनसभा में शहर में एक गर्ल्स स्कूल बनाने की घोषणा की थी। लेकिन, अभी तक इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन तक फाइनल नहीं हुई है। बच्चों की फीस से इतनी बड़ी राशि देने के पूर्व चेयरमैन के ‘वचन’ को लेकर पूर्व प्रबंध समिति के दोनों धड़ों के पदाधिकारियों में घमासान मच गया है। गत 16 मार्च को स्कूल का जिम्मा प्रशासक के तौर पर जिला उपायुक्त को सौंपा गया है। 
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कालीचरण केसान धड़ा
पहले एक प्रपोजल दिया था। अब चूंकि वे स्कूल प्रबंध समिति के चेयरमैन नहीं रहे, इसलिए प्रशासक को केवल सूचनार्थ पत्र लिखा था। इससे ज्यादा कुछ नहीं है।
कालीचरण केसान
पूर्व चेयरमैन
केएम पब्लिक स्कूल प्रबंध समिति

कुछ समय पहले हमने सरकार को प्रस्ताव दिया था कि यदि प्रस्तावित कन्या स्कूल का नाम सेठ किरोड़ीमल के नाम पर रखा जाए तो स्कूल निर्माण के लिए स्कूल की वे पांच करोड़ रुपये देने को तैयार हैं। धर्मार्थ का पैसा धर्मार्थ में खर्च करने में किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
विजय टैणी
मैनेजर, केएम स्कूल प्रबंध समिति

सिंघानिया ग्रुप
एक तरफ केएम हाई स्कूल के शिक्षकों को वेतन देने के पैसे नहीं हैं, दूसरी तरफ कालीचरण केसान बिना प्रस्ताव पारित किए और अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर स्कूल के पांच करोड़ रुपये सरकार को देना चाहते हैं। केसान सरकार को बरगला कर स्कूल को हथियाने का प्रयास कर रहे हैं। वे ट्रस्ट के पैसे को बर्बाद करने पर तुले हैं।
आनंद बासिया
कोषाध्यक्ष, केएम प्रबंध समिति
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पूर्व चेयरमैन का पत्र मिला है, जिसमें उन्होंने पांच करोड़ रुपये देने के अपने वचन का उल्लेख किया गया है। इस मामले में क्या हो सकता है, इस बारे में विचार किया जा रहा है।
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जेके गुप्ता
सदस्य, प्रशासक की ओर से गठित सलाहकार मंडल
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