भिवानी। जिले में शुक्रवार को एक बार फिर मौसम ने करवट ली और तेज हवा के साथ हल्की बारिश व कई स्थानों पर ओलावृष्टि से किसानों की चिंता बढ़ गई। दोपहर के समय अचानक आसमान में अंधेरा छा गया और ग्रामीण क्षेत्रों में रुक-रुक कर बारिश होती रही। इस दौरान खेतों से लेकर मंडियों तक खुले में पड़ा गेहूं और सरसों भीग गया जिससे फसल को नुकसान की आशंका गहरा गई है। खराब मौसम के कारण जिले भर में गेहूं और सरसों की सरकारी खरीद भी ठप रही।
जिले की 12 मंडियों में खुले आसमान के नीचे रखा गया गेहूं और सरसों आंशिक रूप से भीग गया। किसानों की फसल जहां खेतों से कटाई के बाद मंडियों तक पहुंच रही है वहीं पर्याप्त ढकाव और उठान व्यवस्था न होने से हालात बिगड़ गए। मंडियों में आढ़तियों द्वारा लगाए गए तिरपाल तेज हवा में उड़ गए जिससे कई जगह पानी जमा हो गया और मजदूरों को उसे निकालना पड़ा।
जिले में अब तक 1,42,413 मीट्रिक टन गेहूं की आवक हो चुकी है जबकि 66,713 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है। वहीं 20,634 मीट्रिक टन गेहूं की उठान हो चुकी है। जिले भर में अब तक 14,711 किसान अपनी गेहूं की फसल मंडी लेकर पहुंच चुके हैं। सरसों की बात करें तो 3,076 किसानों की 8,334.75 मीट्रिक टन सरसों सरकारी खरीद के दायरे में आ चुकी है जबकि मंडियों से 4,132.10 मीट्रिक टन सरसों की ही उठान हो पाई है।
भिवानी मंडी में अधिकांश गेहूं शेड के नीचे रखा हुआ था लेकिन जिन किसानों की ढेरियां खुले में थीं उन्हें तिरपाल से ढकने के प्रयास किए गए। तेज हवा में तिरपाल उड़ जाने से कई ढेरियां भीग गईं जिससे उनमें नमी बढ़ गई है और अब खरीद प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका है। मंडी खरीद इंचार्ज निरीक्षक उमेद सिंह ने बताया कि खराब मौसम के कारण खरीद कार्य बाधित रहा और मौसम साफ होने के बाद निर्धारित नमी के अनुसार ही खरीद की जाएगी।
दोपहर बाद बदला मौसम, गेहूं में नुकसान की आशंका
बवानीखेड़ा। क्षेत्र में दोपहर बाद अचानक मौसम बदलने से अनाज मंडी में किसानों और आढ़तियों में चिंता बढ़ गई। तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी हुई जिससे खुले में पड़ा गेहूं भीग गया। आढ़तियों ने तिरपाल से फसल को ढकने का प्रयास किया लेकिन तेज हवा के आगे व्यवस्था टिक नहीं पाई।
मंडी प्रधान सुखबीर भाकर, धर्मेंद्र बल्हारा, भीम, सुखबीर, अजीत बुरा ने बताया कि मौसम में बदलाव जारी रहा तो किसानों और आढ़तियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। अभी मंडी में गेहूं की आवक लगातार बनी हुई है, ऐसे में खुले में पड़ा अनाज मौसमी मार की चपेट में आ सकता है। आढ़तियों ने प्रशासन से गेहूं उठान कार्य तेज करने की मांग की है ताकि नुकसान से बचा जा सके।
लालावास गांव में पड़े ओले
जूई। क्षेत्र के गांव लालावास में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई, जिससे मौसम में ठंडक बढ़ गई। ओलावृष्टि के कारण जूई मंडी में भी किसानों की फसल भीग गई और खरीद कार्य प्रभावित हुआ। किसानों ने कहा कि ओलावृष्टि इस समय उनकी मेहनत पर दोहरी मार है क्योंकि खेत से मंडी तक पहुंचने के बाद भी उन्हें नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। भीगे गेहूं में बढ़ी नमी के कारण उसकी खरीद प्रक्रिया पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।