तोशाम क्षेत्र में शुक्रवार शाम को हुई ओलावृष्टि।
तोशाम। तोशाम क्षेत्र के कई गांवों में शुक्रवार शाम छह बजे तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। ओलावृष्टि और बारिश से व्यापक स्तर पर फसलों को नुकसान हुआ है। शाम को हुई ओलावृष्टि से किसानों के चेहरे मुरझा गए हैं। बारिश के साथ तेज हवा चलने से भी फसलों को नुकसान हुआ है।
मौसम में बदलाव से रबी की मुख्य फसलों सरसों चना, सरसों और गेहूं को भारी नुकसान हुआ है। क्षेत्र के गांव बीरन, दांग कलां, दांगखुर्द, ढाणी बीरन, बापोड़ा दिनोद, रिवासा, रिवासा ढाणी में तेज आंधी के साथ अचानक ही ओलावृष्टि शुरू हो गई। इस वजह से गेहूं की फसल पूरी तरह बिछ गई और सरसों की खड़ी फसल में भारी नुकसान हुआ है। किसान सुनील कुमार, सीताराम, बिल्लू, सतवीर ने बताया कि अचानक ओलावृष्टि और तूफान से फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। सरकार को तुरंत गिरदावरी कराकर किसानों को मुआवजा देना चाहिए।
लोहारू क्षेत्र में 14 एमएम बरसात, भिवानी में शाम को अंधड़, बिजली गुल
भिवानी/लोहारू। शुक्रवार को एक बार फिर भिवानी, लोहारू और बवानीखेड़ा आसपास के इलाके में मौसम ने करवट ली और रुक-रुक कर इलाके में झमाझम बरसात हुई। लोहारू क्षेत्र में अल सुबह से ही बरसात का दौर जारी रहा और शाम होते हुए आसमान में पुन: घने काले बादल छा गए। जबकि भिवानी में देर शाम को अंधड़ चला। इससे शहर की बिजली भी गुल हो गई।
लोहारू में सुबह और शाम को करीब 14 एमएम बरसात दर्ज की गई है। तेज हवाओं के साथ हुई इस बरसात ने किसान की चिंता बढ़ा दी है और गेहूं की फसल के साथ अन्य फसलों को भी नुकसान होने का अंदेशा है। बता दें कि शुक्रवार सुबह लोहारू में 6 एमएम और चार बजे बार रुक-रुक कर बरसात हुई जो 8 एमएम दर्ज की गई है। क्षेत्र के अनेक किसानों ने प्रशासन और सरकार से बरसात हुए नुकसान का आकलन कर पीड़ित किसानों को इसका मुआवजा दिए जाने की मांग की है। वहीं दूसरी ओर शहर में बरसात के कारण लोगों को सब्जी मंडी और आसपास के इलाके में कीचड़ जैसी समस्या से दो चार होना पड़ा।