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भिवानी: स्वास्थ्य विभाग ने लिया टीबी के लिए प्रिवेंटिव स्टेप, 473 को दे रहे थैरेपी

Fri, 10 Feb 2023 10:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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 नागरिक अस्पताल में वीसी में उपस्थित उप सिविल सर्जन डॉ. सुमन विश्वकर्मा।
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भिवानी। जिले में टीबी मुक्त अभियान में जहां मरीजों को दवाई दी जा रही है, वहीं अब उनके परिजनों को भी टीबी से बचाव के लिए विशेष थैरेपी दी जा रही है, इसे टीबी प्रिवेंटिव थैरेपी का नाम दिया है। इसके तहत पिछले एक साल में 473 लोगों को चिह्नित कर उनका उपचार शुरू किया है। नागरिक अस्पताल में टीबी के उपचार के साथ ही इग्रा (इंटरफेरॉन गामा रिलीज ऐसे) लैब में लेटेंट टीबी जांच की जा रही है। यह सुविधा देने वाला भिवानी प्रदेश का दूसरा जिला बन गया है, इससे पहले सिर्फ पंचकूला में ही यह सुविधा थी।
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टीबी से ग्रस्त मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा देने के लिए विभाग ने यह व्यवस्था की है। विशेषज्ञों ने कहा कि समस्त फेफड़ों (छाती) वाली टीबी के मरीजों के परिवार को टीबी प्रिवेंटिव थैरेपी लेना अनिवार्य है। नई गाइडलाइन के अनुसार टीबी रोगियों के संपर्क में आने वाले वयस्कों और बच्चों को भी टीपीटी ट्रीटमेंट दिया जा रहा है। लेटेंट टीबी संक्रमण का इलाज करके हजारों लोगों को इस बीमारी को विकसित होने से रोक सकते हैं। इस जांच के लिए लोगों को पहले निजी लैब में 2800 से 3000 रुपये देने पड़ते थे, जबकि अब यह टेस्ट नागरिक अस्पताल में निशुल्क हो सकेगा।
जिले में टीबी के 3097 सक्रिय मरीज
टीबी मरीजों के परिवार के लिए निशुल्क कांटेक्ट ट्रेसिंग, टीबी स्क्रीनिंग, मुफ्त एक्स-रे और प्रिवेंटिव थैरेपी का उपचार सरकार के माध्यम किया जा रहा है। जिले में टीबी के फिलहाल 3097 सक्रिय मरीज हैं, जिनमें से अधिकतर मरीज सरकारी अस्पताल तो कुछ प्राइवेट अस्पताल से भी दवा ले रहे हैं।
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ये है टीबी-इग्रा टेस्ट
टीबी-इग्रा टेस्ट टीबी संक्रमण के लिए किया जाने वाला एक स्क्रीनिंग टेस्ट है। टीबी एक संक्रामक रोग है जो कि माइकोबैक्टेरियम ट्यूबरक्लोसिस नामक बैक्टीरिया से होता है। बैक्टीरिया मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करता है, लेकिन यह शरीर के अन्य अंगों को भी क्षति पहुंचा सकता है।
टीबी (क्षय रोग) के लक्षण
1. लगातार दो हफ्तों से खांसी का आना।
2. खांसी के साथ खून आना।
3. अचानक बुखार का आना व ठंड लगना।
4. वजन का कम होना व ज्यादा थकान महसूस होना।
5. छाती में दर्द और सांस का फूलना।
वीसी के माध्यम से दे रहे जरूरी निर्देश
उप सिविल सर्जन कम नोडल ऑफिसर डॉ. सुमन विश्वकर्मा ने बताया कि जिले में टीबी की जांच और उपचार की उचित व्यवस्था है। इसके अलावा इग्रा लैब में जांच के लिए 473 लोगों का टीबी प्रिवेंटिव थैरेपी शुरू की है, ताकि उनका संक्रमण से बचाव हो सके। वीसी के माध्यम से समय-समय पर स्टेट टीबी हेड डॉ. राजेश राजू ने टीबी उन्मूलन के बारे में विस्तार से जानकारी दी है। इस वीसी में प्रदेश के सभी जिलों के टीबी नोडल ऑफिसर से भाग लिया। टीबी के लक्षण मिलने पर नजदीक स्वास्थ्य केंद्र में जाकर बलगम की जांच अवश्य करवा लें, ताकि समय पर उपचार हो सकें।
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