भिवानी। विधायक घनश्याम सर्राफ ने कहा कि प्रदेश व केंद्र सरकार लोगों को घर-द्वार के नजदीक ही स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी के चलते सरकार ने प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज खोलने का लक्ष्य निर्धारित किया है। भिवानी में मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य भी लगभग पूरा हो चुका है। इसके पूरा होने के बाद भिवानी के साथ-साथ आसपास क्षेत्रवासियों को सीधा लाभ मिलेगा।
विधायक रविवार को चौ. बंसीलाल राजकीय सामान्य अस्पताल परिसर में पोलियो उन्मूलन अभियान के शुभारंभ अवसर पर पहुंचे और बच्चे को पोलियो ड्रॉप पिलाकर अभियान की शुरुआत की। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से कहा कि हर पात्र बच्चे को पोलियो रोधी दवा पिलाएं। एक भी बच्चा पोलियो की दवा पीने से वंचित न रहे। इसके लिए टीमें घर-घर जाएं। उन्होंने कहा कि स्लम बस्तियों, ईंट-भट्ठों, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर बच्चों को पोलियोरोधी दवा पिलाने की व्यवस्था की जाए। पोलियो रोधी दवा पिलाना ही पोलियो भगाने का एकमात्र उपाय है।
इस दौरान सिविल सर्जन डॉ. रघुबीर शांडिल्य ने विधायक को बताया कि पांच मार्च तक बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाई जाएगी। जिले में जीरो से पांच साल तक के एक लाख 29 हजार 452 बच्चों को पोलियो रोधी खुराक पिलाने का लक्ष्य है, जिसमें शहरी क्षेत्र में 29 हजार 824 और ग्रामीण क्षेत्र में 99 हजार 628 बच्चों को पोलियो रोधी खुराक दी जाएगी।
जिले में 618 बूथों पर पिलाई जाएगी बच्चों को पोलियो रोधी दवा
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. आशीष सांगवान ने बताया कि शहरी क्षेत्र में 29,824 और ग्रामीण क्षेत्र में 99,628 बच्चों को पोलियोरोधी खुराक दी जाएगी। इस अभियान को सफल करने के लिए 618 बूथ बनाए गए हैं और 2,684 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जो घर-घर जाकर 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियोरोधी खुराक देंगे। पिछले वर्ष चलाए गए अभियान कुल एक लाख 25 हजार 584 को पोलियो रोधी दवा पिलाने का लक्ष्य रखा गया था, जो कि 97.1 प्रतिशत हासिल कर लिया गया था।
स्लम बस्तियों व ईंट-भट्ठों के लिए अलग से टीमों का गठन
डाॅ. आशीष सांगवान ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा दस मोबाइल टीमों का गठन किया गया है। इसके अलावा 23 ट्रांजिट टीमें बनाई गई हैं। विभाग द्वारा स्लम बस्तियों के लिए 67 टीमें अलग की गई है। घूमंतू-बंजारों तक पहुंचने के लिए 26 टीमें बनाई गई हैं। ईंट-भट्ठों के लिए 144 टीमें बनाई गई हैं। उन्होंने कहा कि रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर भी इस अभियान के तहत बच्चों को दवा पिलाई जाएगी। इस मौके पर उप सिविल सर्जन डाॅ. सुनील कुमार, उप सिविल सर्जन डा. राकेश खटक व डॉ. अरुण सहारण और सतपाल पंघाल सहित स्वास्थ्य विभाग के अनेक कर्मचारी व अधिकारी मौजूद रहे।