भिवानी। बारिश की संभावना और बदलते मौसम के बीच स्वाइन फ्लू और डेंगू के संभावित खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। चौधरी बंसीलाल जिला नागरिक अस्पताल में एहतियात के तौर पर विशेष पृथक वार्ड तैयार किए गए हैं। जिले में अभी तक स्वाइन फ्लू का एक भी संदिग्ध या पुष्ट मरीज सामने नहीं आया है इसके बावजूद विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रघुबीर शांडिल्य ने बताया कि संभावित मरीजों की त्वरित पहचान और उपचार के लिए डॉक्टरों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की विशेष ड्यूटियां लगाई गई हैं। ओपीडी में आने वाले हर बुखार पीड़ित मरीज की गहन जांच की जा रही है। अस्पताल में आने वाले मरीजों को बिना देरी प्राथमिक परामर्श और जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि शुरुआती स्तर पर ही संक्रमण की पहचान की जा सके।
स्वास्थ्य विभाग के विशेष निगरानी अभियान के तहत लोगों के खून के नमूनों की जांच कराई जा रही है। इसमें डेंगू की एलिसा जांच के साथ सामान्य मलेरिया और वायरल बुखार के नमूने शामिल हैं। संदिग्ध लक्षण वाले मरीजों की जांच रिपोर्ट की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तुरंत उपचार शुरू किया जा सके।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि अस्पताल में जरूरी दवाओं, परीक्षण किट और ऑक्सीजन सिलेंडर का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। इससे किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग तैयार है।
स्वाइन फ्लू और डेंगू के लक्षण पहचानें
स्वाइन फ्लू में तेज बुखार, सांस लेने में तकलीफ, खांसी, गले में खराश और शरीर में तेज दर्द जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। डेंगू में तेज बुखार के साथ सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द और जोड़ों में तेज दर्द होता है। बुखार आने पर खुद से दवा लेने के बजाय तुरंत नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करानी चाहिए। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से आसपास जलभराव न होने देने, पूरी आस्तीन के कपड़े पहनने और व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखने की अपील की है।