भिवानी। बारिश के बाद अब मच्छर का लारवा भी तेजी से बढ़ने लगा है। जिसने स्वास्थ्य विभाग की मुश्किलें भी बढ़ा दी है। स्वास्थ्य विभाग अब तक करीब 275 लोगों को मच्छर का लारवा मिलने पर नोटिस थमा चुका है, इसके बावजूद भी अब स्वास्थ्यकर्मी घर-घर दस्तक दे रहे हैं। वहीं जिला मुख्यालय के अस्पताल में भी बारिश के बार पानी ठहराव वाली जगहों पर मच्छर के लारवा की भरमार है।
स्वास्थ्य विभाग के उप सिविल सर्जन डॉक्टर राकेश खटक ने बताया कि डेंगू की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष अभियान चलाकर गांव के 294 तालाबों में गंबूजिया मछली डाली जा चूकी है। जिले के 147 एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारी ग्रामीण क्षेत्र में और शहरी क्षेत्र में 17 कर्मचारी 20 डोमेस्टिक ब्रीडिंग चेकर के साथ घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करने का कार्य कर रहे हैं।
जिले में बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में बुखार के मरीजों की 74581 ब्लड स्लाइड बनाई गई है और शहरी क्षेत्र में 17 एमपीएचडब्ल्यू मेल की टीमों द्वारा बुखार के मरीजों की 10741 ब्लड स्लाइड बनाई गई है। इसके अतिरिक्त जिले में डेंगू बुखार के संदिग्ध मरीजों के 631 सैंपल लिए गए हैं। अभी तक जिले में मलेरिया व डेंगू का कोई भी पॉजीटिव केस नहीं पाया गया है।
वहीं सिविल सर्जन डा. शांडिल्य ने बताया कि डेंगू रोधी जागरूकता अभियान के उपलक्ष्य पर उपस्वास्थ्य केंद्र से लेकर जिले की सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम द्वारा जारी थीम पर मनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इसमें डेंगू जैसी जानलेवा बीमारियों से रोकथाम के प्रति लोगों में जागरूकता पैदा करना, मच्छर पैदा होने वाले स्थानों को चिन्हित कर उनके लार्वा को खत्म करना, डेंगू से बचाव और रोकथाम और नियंत्रण के प्रति आम लोगों को जागरूक करना डेंगू रोधी जागरूकता अभियान का मुख्य लक्ष्य है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।