सरकारी स्कूलों के मुकाबले निजी स्कूलों का परिणाम दो फीसदी अधिक रहा। निजी स्कूलों का परिणाम 86.98 प्रतिशत तो सरकारी स्कूलों का 84.67 रहा। राजकीय विद्यालयों का पास प्रतिशत 84.67 रहा और निजी विद्यालयों का 86.98 प्रतिशत। ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों का पास प्रतिशत 85.94 जबकि शहरी क्षेत्र के विद्यार्थियों का 85.03 प्रतिशत रहा।
बोर्ड के सचिव डॉ. मुनीष नागपाल ने बताया कि विषय से बाहर प्रश्न पूछे जाने पर गणित विषय में छह अंक ग्रेस मार्क्स के तौर पर विद्यार्थियों को दिए गए हैं। बारहवीं के गणित में 80 अंक की सीमा है। इसी लिहाज से जिस विद्यार्थी के 74 अंक हैं, उसके 80 अंक हो गए हैं। बारहवीं के गणित मेंं 46830 विद्यार्थी प्रविष्ट हुए थे, जिसमें 43489 पास हुए हैं, इनमें 877 का कंपार्टमेंट आया है, जबकि 2464 फेल हो गए हैं। गणित विषय का 92.87 फीसदी रिजल्ट रहा है।
चौथे स्थान पर 4 विद्यार्थी रहे हैं, जिन्होंने एक समान 493 नंबर प्राप्त किए हैं। इनमें भिवानी के तोशाम के पीएस नवयुग स्कूल के नमन वर्मा, रेवाड़ी के भाखली स्थित एसकेजी सीनियर सेकेंडरी स्कूल के रजत, चरखी दादरी के वैश्य गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल की नैंसी और भिवानी के आदर्श सीनियर सेकेंडरी स्कूल की अफसाना शामिल हैं। पांचवें स्थान पर भिवानी के ढाणी भाखरा स्थित आर्यन सीनियर सेकेंडरी स्कूल की वंदना और फतेहाबाद के ढांगरा मॉडल केएम स्कूल के चंचल रहे हैं, दोनों ने 492 नंबर प्राप्त किए हैं। टॉप-10में भिवानी के तीन होनहार हैं।
परीक्षार्थी उत्तर पुस्तिकाओं की पुन: जांच अथवा पुनर्मूल्यांकन करवाना चाहते हैं वे निर्धारित शुल्क सहित परिणाम घोषित होने के 20 दिन तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
कोरोना के दुष्प्रभाव से विद्यार्थी अब बाहर आ गए हैं। शिक्षा विभाग में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, शिक्षामंत्री महीपाल ढांडा का एक्शन प्लान है, जिससे जवाबदेही तय हुई है। इस कारण सरकारी स्कूलों के शिक्षा के स्तर में सुधार हुआ है। मेरिट आधार पर नौकरी मिल रही हैं, जिससे स्पष्ट है कि पढ़ोगे तो कामयाब होगे। प्रदेश में अव्वल आने वाले सरकारी स्कूल के विद्यार्थी का अच्छा स्कोर रहा है। -डॉ पवन शर्मा, अध्यक्ष, हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी।