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Haryana: एशियन मुक्केबाजी चैंपियनशिप में छाईं हरियाणा की छोरियां, पांच मेडल किए अपने नाम

Thu, 09 Apr 2026 09:15 PM IST
शाहिल शर्मा शुभम कौशिक, भिवानी

सार

एशियन मुक्केबाजी चैंपियनशिप में हरियाणा की छोरियां ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पांच मेडल अपने नाम किए। यह प्रतियोगिता मंगोलिया की राजधानी उलानबटोर में गुरुवार को संपन्न हुई। 
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हरियाणा की इन बेटियों ने जीते मेडल - फोटो : संवाद
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विस्तार
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मंगोलिया की राजधानी उलानबटोर में वीरवार को संपन्न एशियन मुक्केबाजी चैंपियनशिप के फाइनल मुकाबलों में भारतीय बेटियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चार स्वर्ण और दो रजत पदक जीते। हरियाणा की प्रीति पंवार, प्रिया घणघस और मीनाक्षी हुड्डा ने स्वर्ण पदक अपने नाम किए जबकि जैस्मिन लंबोरिया को रजत पदक हासिल हुआ। वहीं, हरियाणा की पूजा रानी ने कांस्य पदक जीता। इसके अलावा राजस्थान की अरुंधति चौधरी ने स्वर्ण पदक और नागपुर की अल्फिया पठान ने रजत पदक जीता। 
ये रहे परिणाम
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54 किलोग्राम : प्रीति पंवार ने ताइवान की तीन बार की विश्व चैंपियन हुआंग ह्सियाओ-वेन को 5-0 से मात दी।
48 किलोग्राम : मीनाक्षी हुड्डा ने मंगोलिया की नोमुंदारी एंख-अमगालन को 5-0 से हराया।
60 किलोग्राम : प्रिया घणघस ने उत्तर कोरिया की उन ग्योंग वोन को 3-0 से हराया।
70 किलोग्राम : अरुंधति चौधरी ने कजाकिस्तान की बकित सेइडिश को 4-1 से मात दी।
57 किलोग्राम : जैस्मिन लंबोरिया को थाईलैंड की मुक्केबाज पुनरावी रुएनरोस से मिली 0-5 हार के बाद रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
80+ किलोग्राम : अल्फिया पठान को कजाकिस्तान की दीना इस्लम्बेकोवा को 0-5 से हार मिली, रजत पदक जीता।

प्रीति ने तीन बार की विश्व चैंपियन को हराया
प्रीति पंवार ने एशियन मुक्केबाजी चैंपियनशिप के फाइनल में तीन बार की विश्व चैंपियन को हराकर इतिहास रचा है। 2003 में जिले के गांव बड़ेसरा की गलियों में जन्म लेकर अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में पदक हासिल करने तक का सफर तय किया है। प्रीति ने 2017 में मुक्केबाजी खेलना शुरू किया। परिवार में चाचा विनोद को खेलता देख प्रीति ने मुक्केबाज बनने की ठानी। विनोद महम में बॉक्सिंग अकादमी चलाते हैं। शुरुआती दिनों में अपनी भतीजी प्रीति का सपना पूरा करवाने के लिए उसे प्रतिदिन सुबह-शाम महम अकादमी अभ्यास के लिए लेकर जाने लगे। इसके बाद प्रीति के खेल प्रदर्शन और मेहनत देख कर प्रीति के परिवार ने महम में रहना शुरू कर दिया ताकि उसे अतिरिक्त समय मिल सकें। प्रीति के स्वर्ण पदक जीतने पर परिवार में खुशी का माहौल है।
 
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जैस्मिन लंबोरिया भारतीय सेना में सूबेदार
भारतीय सेना में सूबेदार के पद पर कार्यरत भिवानी की बेटी जैस्मिन लंबोरिया ने मंगोलिया में आयोजित एशियन मुक्केबाजी चैंपियनशिप के फाइनल मुकाबले में रजत पदक जीत कर देश का नाम रोशन कर दिया। इससे पहले जैस्मिन वर्ष 2025 में इंग्लैंड की लीवरपूल, कजाकिस्तान और नोएडा में आयोजित विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीत चुकी है। जैस्मिन के पिता जयवीर और माता जोगिंदर कौर ने कहा कि अपने चाचा संदीप और परविंदर के ही मार्गदर्शन में जैस्मिन ने मुक्केबाजी का अभ्यास शुरू किया और लगातार पदक जीत रही है। हमें बेटी पर गर्व है।

भिवानी साई केंद्र की प्रिया ने स्वर्ण पदक जीता
साई खेल प्रशिक्षक केंद्र भिवानी के उप निदेशक दीपक पंत ने बताया कि मंगोलिया में आयोजित एशियन मुक्केबाजी चैंपियनशिप में साई केंद्र की प्रिया घणघस ने स्वर्ण पदक हासिल किया है। द्रोणाचार्य अवॉर्डी वरिष्ठ प्रशिक्षक महावीर सिंह व प्रशिक्षक नवीन शर्मा ने दोनों खिलाड़ियों को बधाई दी। भिवानी के धनाना गांव निवासी प्रिया साई केंद्र में अभ्यास करती हैं।

कॉलेज से हुई पूजा की मुक्केबाजी की शुरुआत
एशियन मुक्केबाजी चैंपियनशिप में कांस्य पदक विजेता पूजा रानी को बचपन से बॉक्सिंग का शौक था। आदर्श कॉलेज भिवानी में बीए फर्स्ट ईयर की पढ़ाई के दौरान कॉलेज की शारीरिक शिक्षक मुकेश रानी महिला मुक्केबाजों का चयन कर रही थीं। उन्होंने पूजा को देखा तो सोचा कि अच्छी हाइट के कारण यह लड़की मुक्केबाजी में अच्छा कर सकती है। इसी दौरान पूजा के मुक्केबाजी सफर की शुरुआत हुई। पूजा ने हवासिंह बॉक्सिंग अकादमी में प्रशिक्षक संजय श्योराण के मार्गदर्शन में मुक्केबाजी के गुर सीखे। फिलहाल साई केंद्र भिवानी की खिलाड़ी हैं और आयकर विभाग में कार्यरत हैं।
 
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