हमेशा सत्ता के अनुकूल रहने वाले बवानी खेड़ा विधानसभा क्षेत्र को सालों के इंतजार के बाद मंत्री पद की सौगात मिली है। बवानीखेड़ा हलके से लगातार दो बार जीत चुके बिशंबर सिंह वाल्मीकि को नायब सिंह सैनी सरकार में राज्य मंत्री का स्वतंत्र पदभार मिला है। शांतचित्त और खुशमिजाज स्वभाव के धनी बिशंबर ने अपनी सादगी और सरलता से हलके के लोगों का दिल जीतने में कामयाबी हासिल की है।
हलके में कहा जाता है कि बिशंबर कभी विरोधियों की आलोचनाओं पर नाराज नहीं होते। विरोधियों को अपना समर्थक बनाने का उनका हुनर उन्हें औरों से अलग बनाता है। यह उनकी सादगी और सरलता का ही नतीजा है कि उन्होंने पिछले दोनों विधानसभा चुनावों में लगातार जीत हासिल की है।
वर्ष 2014 के विधानसभा चुनावों में पहली बार अपनी किस्मत आजमा रहे बिशंबर सिंह ने स्कूटर पर हलके में अपना प्रचार प्रसार किया था। जहां दूसरे नेता बड़ी-बड़ी गाड़ियों सहित समर्थकों के हुजूम में अपना प्रचार कर रहे थे वहीं स्कूटर से कार्यकर्ताओं के घर पहुंचने वाला उनके दिलों में अपने लिए जगह बना रहा था। गांव खरक निवासी बिशंबर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पुराने कार्यकर्ता हैं।
2014 में बवानी खेड़ा में बिशंबर सिंह ने 47323 वोट हासिल कर तीन बार के विजेता रहे पूर्व सीपीएस रामकिशन फौजी का गढ़ तोड़ दिया था। तब बिशंबर सिंह को हल्के में 33.49 प्रतिशत वोट मिला था। वहीं 2019 के चुनाव में भाजपा ने हरियाणा में अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया और दूसरी बार भी मौजूदा विधायक पर दांव लगाया।
2019 के चुनाव में बिशंबर सिंह रिकॉर्ड 52,387 वोट अपने खाते में लाने में कामयाब रहे। इस बार उन्होंने अपना पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया था। वाल्मीकि को 2014 के चुनाव के बजाय 2019 के चुनाव में 5064 वोट ज्यादा मिले थे।
2014 चुनाव नतीजे ,कुल मतदाता 180443, कुल वोट पड़े 141294,जीत का मार्जिन 2559
पार्टी उम्मीदवार कुल वोट
भाजपा बिशंबर सिंह 47323
इनेलो दया भुरटाना 44764
कांग्रेस रामकिशन फौजी 33942
2019 चुनाव नतीजे ,कुल मतदाता 201042, कुल वोट पड़े 136052,जीत का मार्जिन 10895
पार्टी उम्मीदवार कुल वोट
भाजपा बिशंबर सिंह 52387
कांग्रेस रामकिशन फौजी 41492
जेजेपी राम सिंह वेद 22934