बवानीखेड़ा के डॉ.हेडगेवार मीटिंग हाल में उगी कंटीली झाड़ियां।
बवानीखेड़ा। हरियाणा की सबसे पुरानी नगर पालिकाओं में शामिल बवानीखेड़ा का सालाना बजट लाखों करोड़ों रुपये का है, मगर इनदिनों बदहाली में है। हमेशा सत्ता के अनुकूल रहने वाली विधानसभा सीट के हिस्से बीते सालों में कई बड़ी परियोजनाएं भी आई हैं। इनमें डॉ. हेडगेवार मीटिंग हाल, अग्निशमन केंद्र और पंडित दीनदयाल उपाध्याय पर्यटन स्थल मुख्य रूप से शामिल हैं। कस्बे की तीनों ही बड़ी परियोजनाएं आजतक धरातल पर साकार रूप नहीं ले पाई है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ. केशव राव बलीराम हेडगेवार के नाम पर पौने तीन करोड़ की लागत से बना कस्बे का डाॅ. हेडगेवार मीटिंग हाल अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ गया है। दिसंबर 2021 में निर्माण कार्य पुरा होने के बाद शायद ही बीते सालों में कभी मीटिंग हाल का उपयोग किया गया हो। भवन के मुख्य द्वार पर ताला लटका है। वहीं खिड़कियों के टूटे हुए कांच, दीवारों से उखड़ा प्लास्टर, गेट के साथ उगी कंटीली झाड़ियां, पार्क के नाम पर मिट्टी के ढेर बेहाल हुए मीटिंग हाल का हाल बयां कर रहे हैं। इसमें चहारदीवारी है न पार्क की कोई व्यवस्था।
सितंबर 2022 में जब सूबे के तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भिवानी के डीआरडीए हॉल में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में मनोहर लाल ने बवानीखेड़ा विधानसभा क्षेत्र के विधायक बिशम्बर वाल्मीकि, भिवानी के तत्कालीन अतिरिक्त उपायुक्त राहुल नरवाल की उपस्थिति में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला की चार परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया था। हलका विधायक ने मुख्यमंत्री को कस्बे में डा हेडगेवार मीटिंग हाल का निर्माण करवाने के लिए आभार जताया था। लेकिन वर्तमान में उसी हेडगेवार सभागार की सुध-बुध लेने वाला कोई दिखाई नहीं देता। वहीं दूसरी तरफ पंडित दीनदयाल उपाध्याय पर्यटन स्थल के रूप में बाबा कमाल जोहड़ व पार्क के सौंदर्यीकरण के लिए जहां तीन करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। वह आज गंदे पानी का तालाब बन कर रह गया है।
एस्टीमेट के हिसाब से भवन का निर्माण दिसंबर 2021 में पुरा हो चुका है। जो भी मेंटेनेंस का विषय है उसे मीटिंग में पास करवा दुरूस्त करवाया जाएगा।
-विनय कुमार सचिव नगरपालिका बवानीखेड़ा।