गौशाला में पशुओं का टीकाकरण करते पशु चिकित्सक व उनकी टीम
भिवानी। पशुपालन एवं डेयरिंग विभाग की ओर से जिले में मुंहपका व गलघोंटू टीकाकरण किया जा रहा है। डॉ. सुखदेव राठी को जिले में टीकाकरण की जांच के लिए नियुक्त किया गया है। पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. रविंद्र सहरावत ने बताया कि टीकाकरण के लिए सभी पशु अस्पतालों में चिकित्सक के नेतृत्व में टीमें बना दी गई हैं।
ये टीमें घर-घर जाकर टीकाकरण पशुओं का कर रही हैं। उन्होंने बताया कि जिले में तीन लाख 10 हजार पशुओं के मुंहपका-गलघोटू टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। पशु चिकित्सक डॉ. विजय सनसनवाल ने बताया कि मुहखुर-गलघोटू की संयुक्त वैक्सीन लगाने में हरियाणा प्रदेश सबसे अग्रणी राज्यों में है।
अगर पशु को मुंहपका हो जाए तो पशुपालक को दूध का भारी आर्थिक नुकसान होता है। इसके अलावा छोटे कटड़े-कटड़ी व बछड़े-बछड़ी तो मर भी सकते हैं। जबकि गलघोंटू तो पशु के लिए मौत का कारण बन जाती है। उन्होंने कहा कि कई पशुपालकों को भ्रांति है कि इससे दूध घटता है या गर्भपात होता है तो पशुपालकों को इस भ्रांति से बचना चाहिए। डॉ. सनसनवाल ने कहा कि अगर पशु को बुखार आ जाए तो उसे बुखार की गोली दें और पशुओं को दो से तीन दिन गुड़ खिलाएं, इससे दूध भी नहीं घटेगा।