भिवानी। मानसून अब लौट रहा है, लेकिन इस बार भी आधे शहर से बरसाती पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं हो पाई है। बरसाती पानी की निकासी के लिए चैनल और नए डिस्पोजल का मसौदा अब तक सिरे नहीं चढ़ा है।
अब चुनावी आचार संहिता में ये मामला फिर से अटक गया है। सबसे अहम बात तो यह है कि मुख्यालय से विभाग के सर्वे को भी मंजूरी नहीं मिली है। हालत यह है कि थोड़ी सी बारिश में ही जलभराव होता है। पुराने डिस्पोजल का अपग्रेड करने का मसौदा भी अटका है। नगर परिषद ने अमृत प्रथम चरण में करीब 93 करोड़ के बजट से शहर के पुराने जलघर में दो नए वाटर टैंक बनाने के साथ ही निनान जलघर में आईपीएस (इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन) बनाया है।
अमृत द्वितीय चरण में शहर के अंदर नए बूस्टिंग स्टेशन, वाटर डिस्पोजल निर्माण किए जाने प्रस्तावित हैं, जबकि शहर के अंदर करीब 30 किलोमीटर दायरे में 42 साल पुरानी पेयजल लाइनों को भी बदला जाना है। इसी तरह करीब 15 किलोमीटर दायरे में जर्जर हाल हो चुकी सीवर लाइन भी नए सिरे से डाले जाने हैं। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने करीब आधे शहर में बरसाती पानी की निकासी और सीवरेज के साथ पेयजल आपूर्ति व्यवस्था मजबूत करने के लिए भी सर्वेक्षण कराया है। लेकिन अभी तक ये मसौदा मुख्यालय में ही धूल फांक रहा है।
पहले लोकसभा चुनाव अब विधानसभा चुनावी आचार संहिता की वजह से मामला ठंडा पड़ा है। लौट रहे मानसून में भी रुक-रुक कर बारिश हाे रही है। ऐसे में पहले से ही ठप पड़े सीवर की वजह से इलाकों में हालात बुरे बने हैं। वहीं आधे शहर में बरसाती पानी की निकासी सीवर लाइनों से ही डिस्पोजल तक हो रही है।
शहर के रोहतक रोड से ढाणा रोड तक, लोहारू रोड देवसर चुंगी तक, महम रोड क्षेत्र की कॉलोनियों में अभी तक बरसाती पानी की निकासी के लिए अलग से कोई लाइन नहीं है। यहां बारिश का पानी सीवर लाइन में ही खप रहा है। इसी वजह से इन इलाकों में जलभराव के हालात बन रहे हैं। देवसर चुंगी का डिस्पोजल और बरसाती डिस्पोजल भी आधे शहर में सीवर और बरसाती पानी का दबाव झेल रहा है, इसे भी अब अपग्रेड किए जाने की जरूरत है।
आधे शहर में बरसाती पानी की निकासी, नए बूस्टिंग स्टेशन और डिस्पोजल निर्माण कार्य के लिए अमृत द्वितीय चरण के कार्य अभी होने हैं। फिलहाल चुनावों की वजह से मुख्यालय इस मामले में अभी कोई प्रक्रिया नहीं अपना रहा है। चुनाव के बाद फिर से इन कार्याें को लेकर उच्चाधिकारियों से पत्राचार कर इन्हें जल्द से जल्द सिरे चढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। - सुनील कुमार रंगा, कार्यकारी अभियंता, शहरी सीवरेज शाखा, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग भिवानी।