भिवानी। जिलेभर की पांच मंडियों में हैफेड अब तक किसानों का करीब 15 हजार टन बाजरे की खरीद कर चुकी है। वहीं किसानों के खातों में करीब 12 करोड़ का भुगतान भी हुआ है।
जिला मुख्यालय की मंडी में बाजरा की आवक तेज हो गई है, इसी के साथ मंडी में किसानों की नई फसल आवक से परेशानी बनी है। वहीं पोर्टल भी धीमा चलने से किसानों को गेट पास के लिए इंतजार करना पड़ा।
भिवानी की मंडी में अब तक करीब डेढ़ लाख क्विंटल से अधिक बाजरे की आवक हो चुकी है। इसमें 75 हजार कट्टों की अभी तक उठान नहीं हुई है। नई आवक के साथ ही रोजाना हजारों कट्टों की भराई भी कराई जा रही है। ये कट्टे खुले प्लेटफार्म पर ही रखे जा रहे हैं, जिसकी वजह से नई आवक के साथ आने वाले किसानों को बाजरे को उतारने के लिए भी जगह नसीब नहीं हो रही है।
मंडी में किसानों के लिए बिजली पानी सहित पर्याप्त व्यवस्थाएं कराने का जिम्मा मार्केट कमेटी की जिम्मेदारी है। लेकिन अधिक आवक की वजह से व्यवस्था बिगड़ रही है। वीरवार को भी भिवानी मंडी में करीब साढ़े छह सौ किसानों का करीब 16 हजार क्विंटल बाजरा मंडी में पहुंचा है। वहीं एजेंसी ने भी करीब 14 हजार क्विंटल बाजरे की सरकारी खरीदी।
हैफेड की जिले में पांच मंडियां हैं, जिनमें अब तक करीब 15 हजार टन बाजरे की खरीद हो चुकी है। खरीद के बाद उठान होने के साथ ही किसानों के खाता में ई खरीद पोर्टल के जरिए भुगतान भी कराया जा रहा है। अब तक करीब 12 करोड़ का भुगतान किसानों के खाता में डाला जा चुका है।
-पुनीत पंघाल, जिला प्रबंधक, हैफेड भिवानी।