भिवानी। वीरवार को पंचकूला में शपथ ग्रहण समाराेह का आयोजन किया गया। इसमें जिले से कार्यकर्ताओं को पंचकूला लेकर जाने के लिए 52 रोडवेज बसें लगाई गईं। 52 बसें पंचकूला जाने से लंबे रूटों सहित ग्रामीण रूटों पर परिवहन सेवा प्रभावित रही।
20 मिनट में सर्विस वाले रूटों पर डेढ़ से दो घंटे के अंतराल में लोगों को बस सेवा मिली। इसके कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह 8 बजे के बाद चंडीगढ़ रूट पर भी कोई बस नहीं चली।
दरअसल, नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में कार्यकर्ताओं को ले जाने के लिए रोडवेज बसों की ड्यूटी लगाई गई थी। सुबह छह बसे से ही जिले के विभिन्न क्षेत्रों से कार्यकर्ताओं को 52 बसें पंचकूला लेकर गईं। इसके बाद अन्य रूटों पर यात्रियों के लिए बस सेवा प्रभावित रही। दिल्ली जाने के लिए यात्रियों को रोडवेज की एसी बसों में सफर करना पड़ा।
दिल्ली रूट पर वीरवार को एसी बसों को छोड़कर कोई भी साधारण बस नहीं चली। वहीं जींद के लिए बीस मिनट व रोहतक के लिए आम दिनों में सात मिनट की सर्विस है। लेकिन वीरवार को इन रूटों पर एक से डेढ़ घंटे के अंतराल में बसें चलीं। इससे यात्री धक्का मुक्की करते हुए अपने गंतव्य की तरफ बढ़े।
इसके कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। साथ ही, सभी ग्रामीण रूटों पर बस सेवा बंद रही। देर रात सभी बसें डिपो में लौट आईं। शुक्रवार को बसों का संचालन सुचारू रूप से जारी रहेगा। हालांकि वीरवार को महर्षि वाल्मीकि जयंती होने के चलते अवकाश होने के कारण लोगों को ज्यादा परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।
इन रूटों पर प्रभावित रही बस सेवा
52 बसें पंचकूला जाने के बाद जिले के लोकल रूट बलियाली, कलिंगा, भिवानी से बवानीखेड़ा वाया, कुगंड भैणी, पुर, झोंझू कलां, भिवानी से तोशाम वाया ढाणी मांहू, महम, गोहाना रूटों पर बस सेवा बंद रही। जींद, रोहतक, दादरी, हिसार, हांसी, लोहारू, गुरुग्राम रूटों पर निर्धारित समय के बजाय डेढ़ से दो घंटे के अंतराल में बसें चलीं। इससे यात्रियों को धक्का मुक्की करते हुए सफर करना पड़ा।
दिल्ली के लिए चलीं केवल आठ एसी बसें
बसों की कमी के साथ ही यात्रियों को अतिरिक्त किराया भरकर सफर करना पड़ा। क्योंकि वीरवार को दिल्ली जाने के लिए डिपो से केवल एसी बसों का ही संचालन रहा। इसके अलावा अन्य साधारण बसों का संचालन नहीं हुआ। एसी बसों में साधारण बसों के मुकाबले में ज्यादा किराया लगता है। साधारण बस न होने के कारण यात्रियों को मजबूरी वश एसी बसों में सफर करना पड़ा। इससे यात्रियों को अतिरिक्त किराया भरना पड़ा।
अवकाश होने के कारण कम रही यात्रियों की संख्या
वीरवार को महर्षि वाल्मीकि जयंती के चलते राजकीय अवकाश रहा। इसके कारण सामान्य की अपेक्षा यात्रियों की संख्या आधी रही। वहीं गांव से यूनिवर्सिटी व कॉलेज पढ़ने वाले विद्यार्थियों की भीड़ भी नही थी। इसके कारण जिले में यात्रियों की संख्या लगभग आठ से दस हजार के आसपास रही। वहीं सामान्य दिनों में यात्रियों की संख्या लगभग पंद्रह से बीस हजार के आसपास रहती है।
मुझे वीरवार को भिवानी से चरखी दादरी जाना था। लेकिन बस न होने के कारण मुझे एक घंटे से भी ज्यादा समय तक बस का इंतजार करना पड़ा। इससे काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
- मांगेराम, यात्री।
मुझे किसी काम से भिवानी से ताेशाम जाना था। लेकिन काफी समय तक इंतजार करने के बाद भी तोशाम के बूथ पर रोडवेज बस नहीं आई। इससे मैं अपना काम समय पर नहीं करवा पाया।
- सुरेंद्र, यात्री।
शपथ ग्रहण के लिए सरकार की मांग के अनुसार 52 बसें पंचकूला भेजी गईं। यात्रियों की सुविधा के लिए सभी रूटों पर बसों के अतिरिक्त फेरे बढ़ाए गए। यात्रियों को परेशानी का सामना नहीं करने दिया गया।
- दीपक कुंडू, जीएम, रोडवेज भिवानी डिपो।