भिवानी। अब सरकारी स्कूलों के अध्यापकों को अपनी अध्यापक डायरी एमआईएस पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। इसको लेकर शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी किए हैं। साथ ही, यह भी कहा गया है कि यदि कोई शिक्षक अवकाश, प्रशिक्षण या कार्यशाला में ही क्यों न हो, फिर भी अध्यापक को डायरी पोर्टल पर अपलोड करनी होगी।
प्रदेशभर के सभी सरकारी अध्यापकों को अपनी हर रोज की शैक्षणिक गतिविधियां डायरी में मैन्युअल मेंटेन करनी होती है, लेकिन अब शिक्षा विभाग ने टीचर डायरी को एमआईएस पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए है। इनमें कहा गया है कि शिक्षकों को अपनी दैनिक अध्यापक डायरी एमआईएस पोर्टल पर अपलोड करनी है।
डायरी पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य है। यदि कोई शिक्षक किसी प्रशिक्षण, कार्यशाला या अवकाश पर हो। तब भी उसे पोर्टल पर जानकारी साझा करनी होगी। अध्यापकों द्वारा पोर्टल पर अपलोड की गई डायरी की मुख्य अध्यापक द्वारा जांच की जाएगी। किसी दिन कोई शिक्षक डायरी अपलोड नहीं करता है तो उसे कारण बताना होगा।
महीने के अंत में स्कूल प्राचार्य द्वारा सभी शिक्षकों द्वारा डायरी जमा करने के बाद विभाग में पूर्ण सत्यापन प्रमाण पत्र जमा करवाना होगा। समय-समय पर जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा डायरी अपलोड करने का कार्य भी जांचा जाएगा। यदि कोई शिक्षक डायरी अपलोड नहीं करता है तो विभाग द्वारा उस पर कार्रवाई की जाएगी। दूसरे विद्यालय में शिक्षक की बदली होने पर पुराने विद्यालय की एंट्री हटाने के बाद ही नए विद्यालय की डायरी की एंट्री की जाएगी।
क्या होती है शिक्षक डायरी
शिक्षक डायरी ऐसी डायरी होती है, जिसमें शिक्षक अपनी कक्षाओं में होने वाली गतिविधियों, शिक्षण अनुभवों और विचारों को नोट करता है, जो शिक्षण प्रक्रिया में सुधार और विकास के लिए काम में प्रयोग किए जाते हैं। शिक्षक डायरी में शिक्षक अपने शिक्षण अनुभवों का विश्लेषण कर सकता है, जैसे कि क्या अच्छा रहा, क्या सुधार की आवश्यकता है और भविष्य में क्या बेहतर किया जा सकता है। डायरी शिक्षक को अपने शिक्षण कौशल और प्रदर्शन का मूल्यांकन करने के लिए एक उपयोगी उपकरण प्रदान करती है।
शिक्षा विभाग की ओर से अध्यापक डायरी को एमआईएस पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी अध्यापकों को टीचर डायरी पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य है। - शिवकुमार तंवर, खंड शिक्षा अधिकारी, भिवानी।