भिवानी। साल 2023 में भिवानी डिपो को 21 नई बस मिल जाएंगी, लेकिन इस साल 23 पुरानी बसें अपने निर्धारित किलोमीटर का दायरा तय करते हुए कंडम होकर कर्मशाला में खड़ी होंगी। परिवहन सेवाओं के विस्तार के मामले में भिवानी जिले में ढाक के तीन पात वाली स्थिति ही रहेगी। क्योंकि भिवानी डिपो में 147 बसों का निर्धारित कोटा है और महज 136 बसें ही डिपो में हैं। जबकि जिले के 25 से अधिक गांव तो ऐसे हैं, जहां एक ही बस के सहारे परिवहन सेवाएं मिल रही हैं।
भिवानी डिपो के भिवानी बस स्टैंड पर 103 रोडवेज बसों का संचालन विभिन्न रूटों पर हो रहा है, जबकि तोशाम सब डिपो से 33 रोडवेज बसें वाया ग्रामीण व लंबी दूरी के रूटों पर दौड़ रही हैं। रोडवेज में किलोमीटर स्कीम के तहत भी बस चलाई जा रही हैं। लेकिन इसके बावजूद ग्रामीण रूटों पर परिवहन सेवाओं का ढांचा लगातार बिगड़ रहा है। रोडवेज कर्मशाला में बसों की लाइफ यानी उम्र की बात करें तो जनवरी से लेकर दिसंबर 2023 तक 23 रोडवेज बसें अपने निर्धारित फेरे या फिर किलोमीटर चलने के बाद कंडम घोषित हो जाएंगे। इसी साल मार्च तक करीब चार बस तो अपने निर्धारित किलोमीटर पूरा कर कर्मशाला में खड़ी हो जाएंगे। भिवानी डिपो को करीब दो साल पहले 30 बसों भिवानी डिपो में अलॉट किया था। इसमें से साल भर के इंतजार के बाद सिर्फ नौ नई बस ही पहुंच पाई। जबकि 21 बसों का अभी तक इंतजार बना है। ये बसें कब तक डिपो को मिलेंगी, इस बारे में भी रोडवेज अधिकारी निश्चित तौर पर कुछ नहीं कह पा रहे हैं।
14 भिवानी तो नौ बस तोशाम सब डिपो की होंगी कंडम
इस साल 14 रोडवेज बस भिवानी तो नौ बस तोशाम सब डिपो की कंडम हो जाएंगी। भिवानी में फिलहाल 103 तो तोशाम सब डिपो में 33 बस हैं। तोशाम से वाया ग्रामीण व चंडीगढ़ तक बस दौड़ रही हैं, जबकि भिवानी बस स्टैंड से 71 रूटों पर बसों का संचालन हो रहा है। इसमें इंटर स्टेट रूट परमिट पर भी बस चलाई जा रही है। वहीं रोडवेज की सभी बसें रोजाना करीब 30 हजार किलोमीटर से अधिक की दूरी तय कर हजारों मुसाफिरों को गंतव्य तक पहुंचा रही हैं।
गांव से शहर आने में भी लग रहे चार से पांच घंटे
वाया ग्रामीण रूटों पर रोडवेज बसों की सबसे खस्ताहाल स्थिति है। क्योंकि आसपास के नजदीकी गांवों से भी शहर आने में चार से पांच घंटे लग रहे हैं, क्योंकि बसों के लिए लोगों को घंटों तक इंतजार करना पड़ता है। बसों की कमी की वजह से टाइम टेबल भी गड़बड़ा गया है। निर्धारित समय पर बस भी नहीं पहुंच पा रही हैं। इसकी वजह से बस स्टॉप या फिर गांव के बस ठहराव वाले बिंदुओं पर लोग घंटों तक बसों का इंतजार करते हैं। सबसे अधिक परेशानी गांव से शहर में कॉलेज पहुंचने वाले विद्यार्थियों को हो रही है।
इन रूटों के गांवों में बनी बसों की समस्या
भिवानी से वाया ग्रामीण बहल, भिवानी से वाया ग्रामीण लोहारू, भिवानी से वाया ग्रामीण पुर सिवाड़ा, भिवानी से वाया ग्रामीण कैरू, भिवानी से वाया तोशाम, भिवानी से वाया हांसी के अलावा अन्य ग्रामीण रूटों पर बसों की किल्लत है।
भिवानी डिपो को अलॉट की गई बसों को जल्द डिपो के बेड़े में शामिल किए जाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए एचआरडीसी से भी लगातार संपर्क में हैं। जो बस अपने निर्धारित किलोमीटर पूरे करेगी उसे नियमानुसार कंडम भी घोषित किया जाएगा। बसों की कमी हैं, लेकिन फिर भी हमारा प्रयास यात्रियों को बेहतर सेवाएं देने का है।
- नेत्रपाल खत्री, महाप्रबंधक भिवानी डिपो, हरियाणा राज्य परिवहन विभाग।