भिवानी। हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि पराली प्रबंधन के लिए हरियाणा राज्य अग्रणी राज्यों में है। पराली प्रबंधन के लिए उपयोग होने वाले ट्रैक्टरों पर भी सब्सिडी देने पर भी कृषि विभाग विचार कर रहा है। किसान आंदोलन के चलते पंजाब से उद्योगों का पलायन शुरू हो गया है।
भिवानी में राजपूत प्रतिनिधि सभा की ओर से प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस सम्मान समारोह में कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे। कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि इन दिनों गेहूं, सरसों व चना की बुआई का कार्य चल रहा है और रबी सीजन की अधिकतर बुआई का कार्य पूरा भी हो चुका है।
उन्होंने कहा कि डीएपी की समस्या अब प्रदेश में नहीं रही। डीएपी का आयात विदेशों से होता है, डीएपी साऊथ अफ्रीका से भारत में मंगवाया जाता है। इसमें शिप, ट्रेन, लेबर संबंधी समस्याएं आती रही हैं। ऐसे में हमें कुछ प्रबंधन संबंधी समस्याओं का सामना जरूर करना पड़ा। पराली प्रबंधन पर पत्रकारों की ओर से पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि पराली जलाने के बजाय अपने खेतों में ही खाद के रूप में प्रयोग करनी चाहिए। इससे न केवल खाद की बचत होगी, बल्कि किसानों की आय भी बढ़ेगी। कृषि मंत्री ने कहा कि पंजाब के किसान सड़क मार्ग रोककर विरोध जता रहे हैं, जिसके चलते पंजाब के उद्योग सीधे रूप से प्रभावित हो रहे है तथा पंजाब से उद्योगों का विस्थापन हो रहा है।