भिवानी। कैथल विधानसभा से कांग्रेस विधायक आदित्य सुरजेवाला और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सतेंद्र मोर ने भिवानी अनाज मंडी का दौरा किया। यहां विधायक आदित्य सुरजेवाला ने प्रदेश सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार किसान की जवाबदेही से लगातार बच रही है।
उन्होंने बाजरे की सरकारी खरीद, उठान और भुगतान की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने किसानों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। पूर्व विधायक शिव शंकर भारद्वाज भी इस मौके पर मौजूद रहे। किसानों ने बाजरे की सरकारी खरीद, न्यूनतम समर्थन मूल्य और भावांतर भरपाई योजना के क्रियान्वयन पर चिंताएं रखीं।
फसल के उठान में देरी, नमी की कठोर शर्तें और भुगतान में विलंब भी प्रमुख शिकायतें थीं। सुरजेवाला ने बाजरे के लिए घोषित 2900 रुपये प्रति क्विंटल के मूल्य का पारदर्शी लाभ पात्र किसानों तक पहुंचाने की मांग की। उन्होंने मंडियों में पर्याप्त बारदाना, स्टाफ, परिवहन और भंडारण की समयबद्ध व्यवस्था पर जोर दिया। सुरजेवाला ने बताया कि प्रदेश में 7.07 लाख टन धान की आवक हुई है, जबकि खरीद 1.38 लाख टन और उठान केवल 21 हजार टन हुआ है।
कांग्रेस की प्रमुख मांगें
कांग्रेस नेताओं ने बाजरे की सरकारी खरीद प्रक्रिया को बिना रुकावट सुचारु बनाने की मांग की। उन्होंने 2,900 रुपये प्रति क्विंटल घोषित मूल्य के तहत भावांतर राशि का समयबद्ध हस्तांतरण सुनिश्चित करने को कहा। बिक चुकी फसल का तुरंत उठान कराने और किसानों के खातों में पारदर्शी भुगतान की भी मांग की गई। नमी की जांच निर्धारित मानकों के अनुसार करने और मंडियों में आवश्यक तकनीकी उपकरण उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
पराली प्रबंधन के लिए सहायता की मांग
किसानों को पराली प्रबंधन के लिए आवश्यक मशीनरी और उचित आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग भी की गई। मंडियों में किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रभावी व्यवस्था स्थापित करने को कहा गया। आदित्य सुरजेवाला और सतेंद्र मोर ने संयुक्त रूप से चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने कुप्रबंधन दूर नहीं किया, तो कांग्रेस किसानों के हक की लड़ाई मंडी से सड़क तक मजबूती से उठाएगी।