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Bhiwani News: तोशाम की बाबा मुंगीपा गोशाला में गोपाष्टमी पर्व पर की गो पूजा

Sat, 09 Nov 2024 10:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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गोपाष्टमी पर्व पर गायों को चारा ​खिलाते बजरंग दल के सदस्य।
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तोशाम। गोपाष्टमी के अवसर पर शनिवार को तोशाम की बाबा मुंगीपा गोशाला में गो भक्तों ने गो पूजा की। गोपाष्टमी के मौके पर प्राचीन छपारिया हनुमान मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित रामकिशन महाराज ने अल सुबह गोशाला परिसर में पहुंचकर गायों को दंडवत प्रणाम करते हुए पूजा का शुभारंभ किया।
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इस दौरान सुबह के समय हवन यज्ञ का भी आयोजन किया गया, वहीं रात्रि के दौरान विशाल गो माता जागरण और विराट हरियाणवी हास्य कवि सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इस मौके पर भंडारा भी आयोजित किया जा रहा है। इसमें भंडारे का समस्त प्रसाद हरिद्वार से लाए गए गंगाजल से निर्मित किया गया है।
गोशाला ट्रस्ट के प्रधान नरेंद्र गोयल ने बताया कि पिछले काफी समय से गोपाष्टमी पर्व पर तोशाम की बाबा मुंगीपा गोशाला में कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। गोपाष्टमी के पर्व पर गोशाला परिसर में गो भक्तों का आवागमन निरंतर जारी रहा। इस दौरान गो भक्तों ने गो माता की पूजा अर्चना के साथ सभी गायों की परिक्रमा भी की। इस मौके पर राहुल अग्रवाल, पंडित रामकिशन महाराज, पं. रामदयाल शर्मा, अमृत अग्रवाल, नरेंद्र शर्मा, रामकिशन गोयल मौजूद थे।
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गोशाला में सफाई कर किया गो पूजन
ढिगावा मंडी। उपमंडल के गांव कुड़ल में गोपाष्टमी के पावन पर्व पर गो माता पूजन कर लगाया भोग। सुबह बजरंग दल की युवा टीम ने गोशाला में साफ सफाई की फिर गो पूजन किया। इसमें युवाओं ने गायों को स्नान करवा कर लाल चुनरी ओढ़ाई और गो माता ओर हरा चारा व गुड़ खिला कर भोग लगाया।
बजरंग दल के धर्म प्रचार प्रसार प्रमुख आचार्य रविंद्र शास्त्री ने बताया कि गोपाष्टमी का पर्व द्वापर युग से चला आ रहा है। हिंदू धर्म में गोपाष्टमी का विशेष महत्व है। इस दिन भगवान कृष्ण और गो माता की उपासना की जाती है। हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को गोपाष्टमी का त्योहार मनाया जाता है।
इस दिन से श्री कृष्ण ने गायों को चराना शुरू किया था, हिंदू धर्म में मान्यता है कि गो माता का पूजन करने से सभी देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसलिए इस दिन गायों की पूजा करना बेहद शुभ और फलदायी है जिससे सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
सत्संग प्रमुख आनंद पंडित ने बताया कि गो माता के दर्शन स्पर्श से ही मनुष्य का कल्याण हो जाता है। गो माता से उत्पन्न सकारात्मक ऊर्जा मनुष्य को नई चेतना देती है। इससे मनुष्य के शरीर में ज्ञान ज्योति चेतन होती है। इस मंगल कार्यक्रम में अरविंद शर्मा, रोहित शर्मा, भृगु पंडित, अनिल जांगड़ा, अमित हलवाई ने गो माता को पुष्प माला अर्पण कर साष्टांग प्रणाम किया।

गो माता की सेवा सबसे बड़ा धर्म : किशन कौशिक

भिवानी। गोपाष्टमी के अवसर पर हांसी गेट विजयनगर गोशाला में ब्राह्मण सभा की तरफ से प्रधान कृष्ण कौशिक ने गो माता की आरती कर पूजन किया है। साथ ही, हरा चारा व मिठाई खिलाकर उनसे आशीर्वाद लिया। किशन कौशिक ने बताया कि गो माता की सेवा सबसे बड़ा धर्म है। इस अवसर पर एडवोकेट संदीप, गो रक्षक सचिन सैनी, गोलू शर्मा, अभिषेक तंवर, रचित, देव सिंह, अभिषेक तंवर उपस्थित रहे।

गोपाष्टमी हमें गायों के प्रति सम्मान की जिम्मेदारी को दिलाता है याद : उर्मिला सैनी

भिवानी। गोपाष्टमी के पावन अवसर पर दक्षिण काली नवदुर्गा मंदिर कोंट रोड मिनी बाईपास काली देवी मंदिर रोड पर विशेष पूजा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मंदिर की प्रबंधक उर्मिला सैनी और पुजारी शुभम ने बताया कि गोपाष्टमी का यह पवित्र पर्व हमें गायों के प्रति सम्मान और उनकी देखभाल की जिम्मेदारी की याद दिलाता है। गाय हमारी संस्कृति और धार्मिक परंपराओं का अहम हिस्सा है। इस विशेष दिन पर हमें गायों के महत्व को समझकर उनके संरक्षण और सेवा के लिए प्रेरित होना चाहिए।


नंदीशाला सेवा दल ने गायों के लिए सवामणी व गो सेवा कर मनाया गोपाष्टमी का पर्व


भिवानी। गोपाष्टमी का पर्व विशेष रूप से गोमाता के प्रति सम्मान और सेवा का प्रतीक है। गोपाष्टमी पर गोसेवा करने से व्यक्ति को मानसिक, शारीरिक, और आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होते हैं। इस दिन गोशालाओं में जाकर गायों की देखभाल करना, उन्हें चारा खिलाना, और उनकी सेवा करना पुण्यदायक होता है। यह बात नंदीशाला सेवा दल के सदस्य अमित बंसल ने नंदीशाला सेवा दल द्वारा शनिवार को गोपाष्टमी पर स्थानीय नंदीशाला में गायों के लिए दलिया व गुड़ की सवामणी लगाकर गोसेवा करते हुए कही। अमित बंसल ने बताया कि गोपाष्टमी का पर्व कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी को मनाई जाती है और इसका संबंध भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ा है।
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