आयुष्मान भारत योजना के तहत जारी 54 हजार परिवारों में किसी एक सदस्य का नाम शामिल है तो किसी में दो। अधिकतर परिवार ऐसे है, जिनके सदस्यों के नाम सूची में दर्ज ही नहीं है। ऐसे लोगों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। सूची में शामिल परिवार के किसी सदस्य का नाम सूची में नहीं है तो उसे जुड़वाया जा सकता है। इस योजना के तहत गोल्डन कार्ड सिर्फ उन्हीं लाभार्थियों के बनेंगे जिनका नाम सामाजिक, आर्थिक जातीय जनगणना के आधार पर तैयार सूची में शामिल किया है। जिन लोगों का नाम सरकार की ओर से जारी सूची में नहीं है, उनके गोल्डन कार्ड नहीं बनेंगे।
छूटे नाम जुड़वाने के लिए चाहिए राशन कार्ड
जिन लोगों का गोल्डन कार्ड बना हुआ है। वह परिवार के छूटे हुए सदस्यों का नाम भी शामिल करा सकते है। इसके लिए लाभार्थी को परिवार के अन्य सदस्यों से अपना रिश्ता प्रमाणित करना होगा। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्र में राशन कार्ड और कुटुंब रजिस्टर की प्रति की आवश्यकता रहेगी। जबकि शहरी क्षेत्र में राशन कार्ड राशन की प्रति। योजना के तहत प्रति परिवार प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज की सुविधा हासिल कर सकता है। महिला के गोल्डन कार्ड पर उसके शिशु को मुफ्त इलाज मिलेगा।
कहां बनवाए गोल्डन कार्ड
जिले में 11 सरकारी संस्थान और 11 निजी संस्थानों में गोल्डेन कार्ड बनवाएं जा सकते हैं। इनमें जिला अस्पताल, सब अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में गोल्डेन कार्ड बनवाएं जा सकते है। इसके अलावा कार्ड में खामियां सिर्फ सीएचसी और जिला अस्पताल, पैनल में शामिल अस्पतालों में ही दुरस्त होंगी। निजी अस्पतालों में धीरज अस्पताल, जेबी गुप्ता अस्पताल, त्रिवेणी अस्पताल, जीवन नर्सिंग होम, जांगड़ा अस्पताल, भिवानी हार्ट, एसकेपी सिवानी, चुघ नर्सिंग होम और दो जुड़े अस्पताल अमन और अंचल नर्सिंग होम शामिल है।
नाम, पता हो गलत तो यहां आवेदन करें
गोल्डन कार्ड में आपका या आपके परिवार के सदस्यों के नाम, पता, आयु आदि में किसी प्रकार की त्रुटि हो तो जिला अस्पताल में आवेदन कर उसे दुरुस्त कराया जा सकता है। गंभीर त्रुटि होने पर सही कराने के लिए रिपोर्ट बनाकर सरकार को भेजी जाती है। लेकिन लाभार्थी या सके परिवार को इलाज मिलता रहेगा।
जिले में 54 हजार परिवार है लाभार्थी
भिवानी में आयुष्मान भारत योजना के तहत 54 हजार परिवारों को लाभ देने के लिए पीएम के पत्र भेजे गए है। जिनके आधार पर परिवार के सदस्य आयुष्मान योजना का गोल्डन कार्ड बनवा सकते है। योजना के तहत 54 हजार परिवारों के करीब 2.16 लाख सदस्यों के गोल्डन कार्ड बनाए जाने है। अभी तक 61 हजार के कार्ड बने है। गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए लाभार्थी को मूल राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र साथ लाना होगा।