भिवानी। ज्ञान की प्यास बुझाने के लिए केवल डिग्री जरूरी नहीं अपितु मानसिक शक्ति जरूरी है। 15 प्रतिशत ज्ञान शिक्षा से व 85 प्रतिशत ज्ञान आप बाहरी वातावरण से सीखते हैं। प्रकृृति से जुड़े, सीखने की क्षमता को विकसित करें, समयानुसार अपने आप को बदलें और स्वयं पर विश्वास रखें। यह उद्गार मुख्य अतिथि अध्यक्ष साउथ एशियन विश्वविद्यालय, विख्यात शिक्षाविद् प्रो. केके अग्रवाल ने आदर्श महिला महाविद्यालय में आयोजित 19 वें दीक्षांत समारोह में छात्राओं का शैक्षणिक मार्ग प्रशस्त करते हुए कही।
दीक्षांत समारोह में दिव्यांशी, शिवांगी कानोडिया व नेहा छात्राओं को स्वर्ण पदक प्रदान किए। स्नातक की एक हजार से अधिक, स्नातकोत्तर की 60 डिग्रियां छात्राओं को प्रदान की गईं। समारोह में शैक्षणिक स्तर पर उपलब्धियां प्राप्त करने वाली लगभग 1200 छात्राओं को व सांस्कृतिक स्तर पर अपनी प्रतिभा का परचम लहराने वाली 80 छात्राओं को मुख्य अतिथि द्वारा नकद राशि व प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। महाविद्यालय में गत वर्ष में सभी विधाओं में ऑल राउंडर रहने वाली छात्राओं को अवार्डों से नवाजा गया। छात्रा वंशिका गौड़ को बीए से छात्रा श्वेता को बीसीए से, छात्रा सिमरन को वाणिज्य से और छात्रा आरजू को विज्ञान संकाय से सर्वश्रेष्ठ छात्रा का अवॉर्ड मिला।
केके अग्रवाल ने कहा कि युवा पीढ़ी में केवल किताबी ज्ञान का होना आवश्यक नहीं अपितु छात्राओं को शोध कार्यों में भी बढ़-चढ़ कर भाग लेना चाहिए। नई शिक्षा नीति में भी शोध कार्यों को अत्यधिक महत्व दिया हैं। छात्राओं को सृजनात्मकता के साथ शिक्षा ग्रहण करने के लिए कहा। स्वयं पर विश्वास रखकर अवसर का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
समारोह में चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजकुमार मित्तल ने कहा कि विद्यार्थियों को केवल रोजगार की तरफ ध्यान न देकर नवाचार और नई-नई तकनीक अपनाकर रोजगार सृजन करने वाला बनना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि देश को विकसित राष्ट्र व भारत को फिर से विश्व गुरु बनाने के संकल्प को साकार करने में युवाओं की भूमिका जरूरी है। नौकरी ढूंढने वालों की बजाय नवाचार को अपनाकर नौकरी देने वाले बनो। प्रबंधक समिति के महासचिव अशोक बुवानीवाला ने अतिथियों का स्वागत करते हुए छात्राओं को प्राप्त शिक्षा का व्यावहारिक जीवन में प्रयोग करने का संदेश दिया और कहा कि बदलते परिदृश्य में स्वयं को ढालें और तकनीकी शिक्षा को ग्रहण करें। स्वयं का व महाविद्यालय का नाम रोशन करें। समारोह में अध्यक्ष, वैश्य महाविद्यालय ट्रस्ट शिवरतन गुप्ता, प्रबंधकारिणी समिति अध्यक्ष, अजय गुप्ता, सुरेश गुप्ता, नंदकिशोर अग्रवाल, सुंदरलाल अग्रवाल, पवन केडिया, प्रो. सुनील गुप्ता, सुरेश देवरालिया, सुनीता गुप्ता, सावरमल, प्रीतम अग्रवाल, सुभाष सोनी सहित शिक्षाविद् एवं छात्राएं उपस्थित रहीं।
डाॅ. मोहिनी को मिला सर्वश्रेष्ठ शिक्षिका अवाॅर्ड
शिक्षक वर्ग से डाॅ. मोहिनी सर्वश्रेष्ठ शिक्षिका अवाॅर्ड व गैर-शिक्षक वर्ग से राजरानी को सर्वश्रेष्ठ कर्मचारी अवाॅर्ड दिया गया। महाविद्यालय प्राचार्या डॉ. अलका मित्तल ने महाविद्यालय की वार्षिक उपलब्धियों से सभी को अवगत करवाया और बताया कि महाविद्यालय पिछले 50 वर्षों से उन्नति के नए कीर्तिमान स्थापित करता आ रहा है मात्र तीन छात्राओं से प्रारंभ हुआ महाविद्यालय आज 3000 छात्राओं को न केवल शिक्षा के क्षेत्र में अपितु सांस्कृतिक एवं नैतिक मूल्यों के साथ उनके भविष्य का निर्माण भी कर रहा है। महाविद्यालय की छात्राएं प्रशासनिक, राजनीतिक एवं अन्य क्षेत्रों में अपनी सेवाएं देकर महाविद्यालय का नाम रोशन कर रही हैं।