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सिवानी में चल रहा था लिंग जांच का खेल, 30 हजार में बताते थे लड़का है या लड़की

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सिवानी के एक अल्ट्रासाउंड केंद्र पर लिंग जांच का खेल चल रहा था। 30 हजार रुपये में बताया जाता था कि गर्भ में लड़का है या लड़की। गुप्त सूचना के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डिकॉय को भेजकर कार्रवाई की। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अल्ट्रासाउंड मशीन को सील कर दिया है।
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करीब 15 दिन पहले स्वास्थ्य विभाग की टीम को गुप्त सूचना मिली कि सिवानी का एक व्यक्ति लिंग जांच करवाता है। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डिकॉय पेसेंट तैयार कर उक्त व्यक्ति से संपर्क साधा। पिछले 15 दिन से डिकॉय लगातार उक्त व्यक्ति से संपर्क में था। उक्त व्यक्ति ने लिंग जांच के लिए 30 हजार रुपये मांगे। जिस पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दो किस्तों में 30 हजार रुपये अकाउंट में जमा कराये। इस दौरान जिला प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस अधीक्षक को भी इस बारे में सूचित किया गया। जिसके बाद से साइबर सेल टीम की ओर से उक्त नंबर ट्रेक किया जा रहा था। सारी कॉल रिकार्डिंग की जा रही थी।
सोमवार शाम को उक्त व्यक्ति ने डिकॉय को सिवानी बुलाया। अल्ट्रासाउंड किया और दो घंटे बाद ही लिंग जांच कर जानकारी दी। इसी दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. मीना बरबर के नेतृत्व में छापा मारा और सारे खेल का भांडाफोड किया। आरोपी हिसार का एक निजी चिकित्सक बताया जा रहा है। रात 12 बजे तक भी स्वास्थ्य विभाग की टीम मामले में कार्रवाई करने में जुटी थी। अल्ट्रासाउंड मशीन को सील कर दिया गया। छापेमार टीम में डॉ. मीना बरबर के अलावा जिला औषधि नियंत्रक हेमंत ग्रोव, स्वास्थ्य कर्मी अंजू आदि शामिल रहे।
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कभी बहादुरगढ़, कभी गुरुग्राम में लिंग जांच की कहता रहा और किया सिवानी में
लिंग जांच के खेल में यह भी सामने आया कि फोन पर लगातार डिकॉय और उक्त व्यक्ति की बात चल रही थी। उक्त व्यक्ति कभी गुरुग्राम में तो कभी बहादुरगढ़ में लिंग जांच कराने की बात कहता रहा तो कभी रेवाड़ी में। अचानक ही शाम सिवानी बुला लिया और यहां अल्ट्रासाउंड किया गया।
एक सेवानिवृत्त सिविल सर्जन का नाम भी आया घेरे में
प्राथमिक जांच में सामने आया कि एक सेवानिवृत्त सिविल सर्जन की ओर से उक्त अस्पताल में अपने हस्ताक्षर की हुई ट्रिटमेंट स्लिप दी गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से भेजे गए डिकॉय को उन्होंने जांचा भी नहीं। इसके बावजूद डिकॉय की ट्रिटमेंट स्लिप बन गई। जिसमें सेवानिवृत्त सिविल सर्जन के हस्ताक्षर है। ऐसे में उक्त सेवानिवृत्त सिविल सर्जन भी जांच के घेरे में फंस गया है।
रेड सफल रही। हिसार का एक डाक्टर सिवानी के अल्ट्रासाउंड सेंटर पर आकर लिंग जांच कर रहा था। 30 हजार रुपये लिंग जांच के बदले डिकॉय से लिए गए थे। एक सेवानिवृत्त सिविल सर्जन का नाम भी मामले में आया है। उक्त सेवानिवृत्त सिविल सर्जन ने अपने हस्ताक्षर की हुई ट्रिटमेंट स्लिप वहां दी हुई थी। पुलिस टीम को भी साथ लिया गया था।
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डॉ. आदित्य स्वरूप गुप्ता, सिविल सर्जन
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