ढिगावामंडी में बाजरा खरीद के लिए टोकन नहीं मिलने पर गेट पर जुटे किसान। संवाद
ढिगावामंडी। पिछले चार दिन से ढिगावामंडी में किसानों के बाजरा खरीद के गेट पास नहीं कट रहे थे। किसानों ने एसडीएम को शिकायत की। इसके बाद एसडीएम कार्यालय से आए कर्मचारी जयबीर ने किसानों को समझाकर लाइनों में लगाया और टोकने काटने की प्रक्रिया शुरू की गई। शुक्रवार को 4 नवंबर के बचे हुए किसानों से टोकन काटने की शुरुआत की गई।
किसानों का कहना था कि वो पिछले चार दिन से अनाज मंडी में चक्कर लगा रहे हैं। कर्मचारी सर्वर डाउन बताते रहे। उन्होंने इस समस्या को लोहारू एसडीएम के समक्ष रखी। उसके बाद एसडीएम ने कार्यालय से एक कर्मचारी की ड्यूटी लगाई और किसानों को हो रही परेशानी को दूर करने की बात कही। शुक्रवार शाम करीब चार बजे कर्मचारी ने मंडी में पहुंचकर मौजूद किसानों की समस्या जानी और किसानों ने बताया कि 4 नवंबर के बाद टोकन नहीं कट रहे हैं। उन्होंने इस बारे में मंडी के कर्मचारियों से बात की और किसानों के टोकन काटने की प्रक्रिया को शुरू किया गया।
ढिगावामंडी में किसान अपनी बाजरा की फसल लेकर पहुंच रहे हैं, लेकिन मंडी गेट पर किसानों को गेट पास नहीं दिए जा रहे हैं। ऐसे में एसडीएम के दखल के बाद ही किसानों को चार नवंबर की आवक के गेट पास मिले हैं। हालांकि प्राइवेट बोली पर ही किसानों का बाजरा खरीद कराया जा रहा है। किसानों को खाता में भावांतर भरपाई योजना के तहत ही राशि का भुगतान किया जाएगा। संवाद
ढिगावा अनाज मंडी में अब तक एक लाख 67000 हजार क्विंटल बाजरे की आवक हो चुकी है। प्राइवेट खरीद कर रहे हैं। खरीदारों द्वारा एक लाख 65 हजार क्विंटल बाजरे की खरीद कर ली गई है। शुक्रवार को कुल 31 टोकन कांटे गए। शुक्रवार को 900 क्विंटल बाजरा की आवक हुई और 1500 क्विंटल खरीद की गई। फिलहाल बाजरे का भाव 1900 रुपये से 1950 रुपये तक खरीदा जा रहा है।
-अनिल कुमार, मंडी सुपरवाइजर, ढिगावा मंडी।