भिवानी। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग जहां टीकाकरण अभियान चला रहा है। वहीं, शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित वार्षिक परीक्षाओं ने इस अभियान को धीमा कर दिया है। पिछले एक माह से अधिक समय से शिक्षण संस्थाओं में टीकाकरण शिविरों का अधिक आयोजन नहीं हो रहा है। बस कुछेक शिक्षण संस्थानों में ही शिविर लग पाए हैं, जिसके कारण वैक्सीन का लक्ष्य पूरा करना स्वास्थ्य विभाग के लिए आफत बन चुका है।
जिले में करीब 60 हजार किशोरों को वैक्सीन की डोज दी जानी है, जिनमें से 46205 को ही पहली डोज लग पाई है। वहीं, जिले के 60 हजार युवाओं में से करीब 53 हजार को पहली डोज लगी है। इनके अलावा 12 से 14 साल की आयु के बच्चों को 9542 डोज लगी है, जो कि काफी कम है। इन दिनों वैक्सीनेशन अभियान की रफ्तार रुकने का मुख्य कारण वार्षिक परीक्षा मानी जा रही है। ।
जिले के टीकाकरण अभियान की स्थिति
स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक 852820 को पहली और 783769 को दूसरी डोज लगी है। इनमें से स्वास्थ्यकर्मी श्रेणी में 5658 को पहली, 5606 को दूसरी डोज लगी है। फ्रंट लाइन वर्कर की श्रेणी में 4988 को पहली, 4950 को दूसरी डोज लगी है। जिले में 12 से 14 साल के बच्चों को महज 9542 पहली और 1641 को दूसरी डोज लगी है। 15 से 17 साल के किशोरों में 46205 को पहली और 30893 को दूसरी डोज लगी है। वहीं, 18 से 44 साल के युवाओं में 536347 को पहली और 475421 को दूसरी डोज लगी है। वहीं, 45 से 60 साल के लाभार्थियों में 172296 को पहली और 164819 को दूसरी डोज लगी है। जिले के 60 साल से अधिक आयु के बुजुर्गों में 133569 को पहली और 131194 को दूसरी डोज लगी है।
वर्जन:
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से टीकाकरण अभियान लगातार जारी है। इसके लिए स्वास्थ्य केंद्र और शिक्षण संस्थाओं में भी टीकाकरण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। लोगों से अपील है कि अपने नजदीक केंद्र में जाकर वैक्सीनेशन अवश्य करवाएं।
- डॉ. रघुबीर शांडिल्य, सिविल सर्जन।