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Bhiwani News: ग्रुप डी के छौरा खातर, रिश्तां आले लागे चक्कर काटण

Sat, 09 Mar 2024 11:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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भिवानी। थ्हारा छौरा ग्रुप डी मै लागरया सै, म्हारी छौरी भी आच्छी पढ़ री सै, तै चलांवां रिश्तै की बात। ग्रुप डी में चयनित हुए युवाओं के लिए नौकरी के साथ अब बहू का इंतजाम भी हो गया है, क्योंकि उनकी शादी के लिए रिश्तों की डिमांड भी बढ़ गई है। ये युवा ज्वाइनिंग की लाइन में खड़े हैं, मगर ग्रुप डी के छौरा खातर, रिश्तां आले चक्कर काटण लागे।
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दरअसल, हरियाणा में लड़कों के मुकाबले लड़कियों का लिंगानुपात काफी घट रहा है। सबसे बड़ी वजह बेरोजगारी है। रोजगार नहीं मिलने पर युवाओं की शादी भी नहीं हो रही है और उम्रदराज युवाओं की फौज भी तैयार हो गई है। हरियाणा सरकार ने जनवरी से रांडे यानि बिना शादी के युवाओं को हर माह तीन हजार पेंशन देना भी शुरू कर दी है।
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने 10,997 उम्मीदवारों के डी ग्रुप में चयन की पहली सूची जारी कर दी है। इसमें अधिकांश युवा तो स्नातकोत्तर तक की पढ़ाई के साथ कुछ तकनीकी डिग्री धारी भी हैं। पीएचडी कर चुके युवा भी डी ग्रुप में चयनित हो गए हैं। अब रिश्तेदारियों और गांवों में डी ग्रुप में चयनित युवाओं की चर्चा रिश्ते के लिए भी होने लगी है, क्योंकि इनको अब लड़की देने के लिए हर कोई तैयार है, जबकि बेरोजगारी में अब तक इनके न रिश्ते आ रहे थे न कोई पूछ हो रही थी।
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हरियाणा में अगर लिंगानुपात की बात करें तो जनवरी और फरवरी में लगातार लड़कों के मुकाबले लड़कियां ज्यादा हैं। जबकि महेंद्रगढ़ जिले में एक हजार लड़कों के मुकाबले 824 लड़कियां हैं। वहीं, शिक्षा की बात करें तो लड़कों के मुकाबले लड़कियां पढ़ाई में भी अपनी बढ़त बनाए हैं। यही वजह है कि हर अभिभावक अपनी बेटियों के लिए सरकारी नौकरी वाला दुल्हा ही पसंद कर रहा है। फिर चाहे वह डी ग्रुप की नौकरी ही क्यों न हो।

ये है प्रदेश में लिंगानुपात की स्थिति
जिला- पुरुष- महिला- कुल जन्म- लिंगानुपात प्रति हजार
चरखी दादरी- 460- 509- 969- 1107
झज्जर- 894- 881- 1775- 985
फतेहाबाद- 1437- 1392- 2829- 969
पलवल- 2427- 2323- 4750- 957
सोनीपत- 2113- 2012- 4125- 952
भिवानी- 1483- 1400- 2883- 944
यमुनानगर- 2007- 1889- 3896- 941
कुरुक्षेत्र- 1372- 1283- 2655- 935
करनाल- 2217- 2069- 4286- 933
रेवाड़ी- 1528- 1423- 2951- 931
सिरसा- 1703- 1571- 3274- 922
पंचकूला- 1148- 1057- 2205- 921
नूंह- 4974- 4566- 9540- 918
हिसार- 2997- 2740- 5737- 914
फरीदाबाद- 4448- 4030- 8478- 906
अंबाला- 1630- 1467- 3097- 900
गुरुग्राम- 1405- 3692- 7797- 899
जींद- 1741- 1541- 3282- 885
पानीपत- 3365- 2968- 6333- 882
रोहतक- 2457- 2152- 4609- 876
कैथल- 1498- 1296- 2794- 865
महेंद्रगढ़- 1138- 966- 2104- 849
कुल- 47142- 43227- 90369- 917
आज के समय में लोगों को अपनी मानसिकता बदलने की जरूरत है। लोगों की मानसिकता यह बन चुकी है कि वंश चलने के लिए लड़कों का पैदा होना ही जरूरी है। सिर्फ लड़के ही वंश को आगे बढ़ा सकते है, लेकिन समाज को यह सोच बदलनी होगी। हमारा संविधान भी यही कहता है कि लड़के एवं लड़कियों में कोई भेदभाव नहीं है। समाज में लैंगिक समानता के लिए लड़का और लड़के को समान अधिकार है।
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- डॉ. मूलराज, एसोसिएट प्रोफेसर समाज शास्त्र विभाग, सीबीएलयू भिवानी।
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