भिवानी। कोरोना संक्रमण में जब सबकुछ ठहर सा गया था, तब सेवानिवृत्त खेल अधिकारी ने ग्रामीण क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं की पौध तैयार करने के लिए खुद की जमीन पर ही खेल अकादमी को शुरू कर दिया। उसकी अथक मेहनत और खिलाड़ियों के हौसले की बदौलत आज अकादमी में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय एथलीट तैयार किए जा रहे हैं।
तोशाम क्षेत्र के गांव बुसान में स्थित बाबा भैरू नाथ चौधरी खेमचंद स्टेडियम की शुरुआत वर्ष 2020 में कोरोना काल में हुई थी। इसके संचालक जय सिंह कालीरमन सेवानिवृत्त खेल अधिकारी हैं। उन्होंने बताया कि स्टेडियम में 70 लड़के और 30 लड़कियां खेलों का अभ्यास कर रहीं हैं। यह स्टेडियम उन्होंने निजी भूमि पर बनाया है। यहां के अनेक खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीते हैं। जय सिंह ने बताया कि वे खुद भी 65 वर्ष की आयु में खेलों में हिस्सेदारी निभा रहे हैं। पुणे में 13 से 17 फरवरी तक आयोजित मास्टर एथलेटिक चैंपियनशिप में 65 आयु वर्ग में शॉटपुट और डिस्कस थ्रो में उन्होंने भी स्वर्ण पदक जीता है।
खिलाड़ियों की उपलब्धियां
प्रियंका (डिस्कस थ्रो) ने ब्राजील में 1 से 15 मई 2022 में हुए डीफ स्टैंड डम्ब ओलंपिक गेम्स में पांचवां स्थान और राष्ट्रीय बधिर और डीफ की शॉटपुट व डिस्कस थ्रो 2024 की चैंपियन।
मुनेश ने कोयंबटूर तमिलनाडु में 7 से 10 नवंबर 2023 तक आयोजित जूनियर नेशनल एथलेटिक चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता। वह प्रांतीय स्पर्धा में कुल 19 पदक जीत चुकी हैं।
सोनिका, मुनेश, अंकित भुवनेश्वर, ओडिशा में 25 से 29 दिसंबर 2023 में आयोजित ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी में भाग ले चुकी हैं।
राहुल हरियाणा राज्य जूनियर एथलेटिक चैंपियनशिप में दो स्वर्ण, तीन रजत, दो कांस्य पदक जीत चुके हैं।
प्रिंस हरियाणा राज्य जूनियर एथलेटिक चैंपियनशिप में एक स्वर्ण, एक रजत, दो कांस्य पदक जीत चुके हैं।
सोनिका हरियाणा स्टेट जूनियर एथलेटिक चैंपियनशिप में दो स्वर्ण, दो रजत, तीन कांस्य पदक जीत चुकी हैं।
सीमा हरियाणा स्टेट जूनियर एथलेटिक चैंपियनशिप में तीन स्वर्ण, दो रजत, एक कांस्य पदक जीत चुकी हैं।
साक्षी हरियाणा स्टेट जूनियर एथलेटिक चैंपियनशिप में एक स्वर्ण, दो रजत, दो कांस्य पदक जीत चुकी हैं।
सोनू हरियाणा स्टेट जूनियर एथलेटिक चैंपियनशिप में एक रजत, तीन कांस्य पदक जीत चुके हैं।
हिमांशु हरियाणा स्टेट जूनियर एथलेटिक चैंपियनशिप में दो स्वर्ण, एक रजत पदक जीत चुके हैं।
रितिका हरियाणा स्टेट जूनियर एथलेटिक चैंपियनशिप में एक रजत, एक कांस्य पदक जीत चुकी हैं।
मनीष हरियाणा स्टेट जूनियर एथलेटिक चैंपियनशिप में एक कांस्य जीत चुके हैं।
विक्रांत हरियाणा स्टेट जूनियर एथलेटिक चैंपियनशिप में चार स्वर्ण, चार रजत, एक कांस्य जीत चुके हैं।
शबनम हरियाणा स्टेट जूनियर एथलेटिक चैंपियनशिप में दो स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं।
हिमांशु हरियाणा स्टेट जूनियर एथलेटिक चैंपियनशिप में एक स्वर्ण पदक जीत चुके हैं।
विशाल हरियाणा स्टेट जूनियर एथलेटिक चैंपियनशिप में एक स्वर्ण पदक जीत चुके हैं।
खेल स्टेडियम में दिलाई अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान
प्रियंका के परिजनों का कहना है कि उनकी बेटी को खेल स्टेडियम ने नाम दिया और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। प्रियंका ने ब्राजील में डीफ स्टैंड डम्ब ओलंपिक गेम्स में पांचवां स्थान पाया है। वर्ष 2024 में उसने डिस्कस थ्रो चैंपियनशिप में भी पदक जीता है।
जूनियर नेशनल एथलेटिक्स चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाली मुनेश ने बताया कि खेल संस्थान में उसका खेल कौशल बेहतर ढंग से निखरा है। अकादमी के संचालक खुद खेल अधिकारी रह चुके हैं, उनके नेतृत्व में यहां खिलाड़ी बेहतर अभ्यास कर राष्ट्रीय और अंतर राष्ट्रीय स्तर पर अपना मुकाम पा रहे हैं। वे खुद भी राज्य स्तर पर 19 पदक जीत चुकी हैं।
मैंने स्टेडियम की शुरुआत कोविड समय में अपनी चार एकड़ भूमि पर की थी। कोविड के बाद से यहां के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश व प्रदेश को नाम रोशन कर रहे हैं। यहां खिलाड़ियों के लिए खेल की सारी सुविधाएं हैं। आने वाले समय में यहां के खिलाड़ी ओलंपिक में पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा विश्व स्तर पर मनवाएंगे।
- जय सिंह कालीरमन, संचालक और सेवानिवृत्त खेल अधिकारी।