एक युवक ने सीएचसी तोशाम में कार्यरत डॉक्टर सहित पांच लोगों पर नौकरी का झांसा देकर करीबन 33 लाख रुपये ऐंठने का आरोप लगाया है। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर डॉक्टर सहित पांच लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
भिवानी निवासी अमित ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह और उसकी बुआ का लड़का रिवासा निवासी संदीप दोनों नौकरी की तैयारी कर रहे हैं। संदीप के सगे भाई सुनील की पत्नी मनीषा की डिलिवरी 14 मई 2019 को तोशाम सरकारी अस्पताल में हुई थी। जहां पर नियुक्त चिकित्सक ने मुलाकात में रेलवे में नौकरी लगवाने का झांसा दिया। डॉक्टर ने उन्हें कहा कि नौकरी लगवाना उसकी गारंटी है। अमित ने बताया कि डॉक्टर ने उन्हें अपनी साली जो सामान्य अस्पताल भिवानी में स्टाफ नर्स है व एक अन्य मुकेश से मिलने के लिए कहा। डॉक्टर की बातों पर विश्वास कर वह स्टाफ नर्स व मुकेश से मिला। जिसके बाद उन्होंने डॉक्टर को पांच लाख रुपये 20 अगस्त 2019 को नौकरी लगवाने के लिए तोशाम सिविल अस्पताल में दिए। डॉक्टर के कहने पर 10 लाख रुपये पांच सितंबर 2019 को मुकेश व स्टाफ नर्स को उनके घर पर दिए। अमित ने बताया कि इसके बाद 10 लाख रुपये डॉक्टर को 27 सितंबर 2019 को तोशाम सिविल अस्पताल भिवानी में दिए। डॉक्टर व मुकेश ने उनकी हरजीत कौर व जसपाल से बात करवाई। डॉक्टर ने बताया कि हरजीत कौर रेलवे बोर्ड की मेंबर है, जिससे उनकी पुरानी डीलिंग है। हरजीत कौर ने जसपाल के खाते में और पैसे जमा कराने के लिए कहा और कहा कि पैसे जमा नहीं करवाओगे तो पहले वाले पैसे भी डूब जाएंगे। अमित ने बताया कि उन्होंने कहा कि वे पहले ही 25 लाख रुपये दे चुके हैं। नौकरी लगने का कुछ तो सबूत दो। जिसके बाद डॉक्टर ने व्हाट्सएप पर सुनील को रेलवे की ओर से जारी संदीप के मेडिकल की नकल भेजी। जिसके बाद संदीप का मेडिकल दिल्ली में करवाया। उक्त लोगों ने अमित व संदीप का ज्वाइनिंग लेटर भी भेजा। अमित को ट्रेनिंग के लिए पटना और संदीप को दिल्ली ट्रेनिंग के लिए भेजा। अमित ने बताया कि हमारी तीन महीने तक ट्रेनिंग हुई और हमें आईकार्ड भी दिए गए। वेबसाइट पर दी उनकी एंट्री दिखाई गई। अमित ने बताया कि इस दौरान उक्त लोगों ने हमसे और पैसे देने के लिए कहा जिस पर करीबन आठ लाख रुपये और उनके खाते में जमा करवाए। अमित ने बताया कि बाद में उन्होंने रेलवे विभाग से पता किया तो पता लगा कि उपरोक्त कागज फर्जी है। जिसके बाद उक्त लोगों से रुपये मांगे तो डॉक्टर ने उनको तीन लाख रुपये नगद व जसपाल सिंह के खाते का 30 लाख रुपये का एक चेक दिया जो कि दो बार बाउंस हो चुका है। अमित ने बताया कि उक्त लोग पैसे देने में आनाकानी कर रहे हैं।
थाना प्रभारी संदीप ने बताया कि पुलिस ने अमित की शिकायत पर डॉ. ईशांत, सुमन, मुकेश, हरजीत कौर व जसपाल सिंह रावत के खिलाफ भादस की धारा 419, 420, 467, 468, 471,120बी के तहत मामला दर्ज कर लिया है। तफतीश में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।