भिवानी। नया साल उल्लास और उमंग के साथ जिले में विकास की नई इबारत लिखेगा। तीन रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी), चार बाईपास, फोरलेन, मेडिकल कॉलेज सहित करोड़ों के विकास की नई सौगात भी जिले को मिलेगी। पूरे शहर में सफाई और स्ट्रीट लाइट स्वचालित पैनल सिस्टम के साथ नगर परिषद की सड़क विकास योजनाएं भी पूरी होंगी। शहर के अंदर करीब साढ़े चार दशक पुरानी सीवर और पानी की लाइनों को बदलने का भी काम शुरू होगा। शिक्षा, चिकित्सा, विकास के साथ जिले में सांस्कृतिक महत्वाकांक्षी योजनाओं पर भी काम होगा।
क्षेत्र में तीन आरओबी लोहारू रोड, दिनोद रोड जीतुवाला फाटक और मुंढालकलां में राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) पर बनाए जा रहे हैं। इन तीनों आरओबी को नए साल में पूरा किया जाएगा। दो आरओबी तो भिवानी शहर में बन रहे हैं। इनके बनने के बाद करीब 75,000 आबादी को फायदा मिलेगा।
दिल्ली-पिलानी एनएच 709 ई पर वाहनों की भी रफ्तार शहरी दायरे में बढ़ेगी। हालांकि शहर के चारों तरफ बाईपास निर्माण का काम भी चल रहा है। इसका कार्य भी दिसंबर 2025 तक पूरा होगा। इसके बनने के बाद भिवानी शहर में भारी वाहनों के प्रवेश की जरूरत नहीं होगी। शहर के बाहर से ही वाहन अपने गंतव्य की तरफ आसानी से आ-जा सकेंगे।
जिले में दिल्ली-पिलानी एनएच पर चार कस्बाई बाईपास भी बनने प्रस्तावित हैं। हाईवे अथॉरिटी इन बाईपास की अलाइनमेंट तैयार कर चुकी है, लेकिन इस परियोजना को अभी केंद्र सरकार से अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है। उम्मीद है कि नए साल में बाईपास निर्माण पूरा हो जाएगा।
82 करोड़ से सीवर लाइन और 233 करोड़ की लागत से डाली जाएगी शहर में नई पेयजल लाइन
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने मुख्यालय को शहरी दायरे में करीब साढ़े चार दशक पुराने सीवर और पानी के सिस्टम को बदलने का खाका तैयार कर भेजा है। इसके तहत शहर के अंदर करीब 15 किमी दायरे में लीक हो चुकी करीब 50 साल पुरानी पेयजल लाइनें बदली जाएंगी। शहरी दायरे में 98 किमी दायरे में नई पेयजल लाइन डालने का सर्वेक्षण किया है। इस पर 233 करोड़ का संभावित बजट खर्च आएगा। इस सर्वेक्षण में पुराने शहर की लीकेज हो रही लाइनों के अलावा बाहरी दायरे की नई कॉलोनियों को भी पेयजल लाइनें डाली जाएंगी। करीब 45 किमी दायरे में 82 करोड़ से पुरानी सीवर लाइन सिस्टम को भी दुरुस्त किया जाएगा। इसमें डेमेज सीवर की जगह नया सीवर डाला जाएगा। शहर की बाहरी कॉलोनियों में भी सीवर लाइन डाली जाएगी। इस परियोजना को मंजूरी मिलते ही 2025 में काम शुरू किया जाएगा।
बढ़ेगी जलघरों की क्षमता, नए डिस्पोजल भी बनेंगे
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा शहरी दायरे के जलघरों की क्षमता बढ़ाने के साथ नए बूस्टर निर्माण की योजना भी तैयार की है। गंदे पानी की निकासी के लिए नए डिस्पोजल भी बनेंगे। नई कॉलोनियों में पेयजल जरूरतों के अलावा गंदे पानी की निकासी के लिए भी डिस्पोजल बनाए जाएंगे। इससे करीब डेढ़ लाख की आबादी को फायदा मिलेगा।
शहरी दायरे में नई पेयजल लाइनें डाली जाएंगी। विभाग की तरफ से करीब 98 किमी दायरे में पानी की पाइप लाइन डालने का सर्वेक्षण किया जा चुका है। पुराने शहर में 15 साल से अधिक पुरानी पानी की लाइनों को भी बदला जाना है। इसे तकनीकी मंजूरी के लिए मुख्यालय भेजा गया है। -सूर्यकांत, कार्यकारी अभियंता, शहरी पेयजल शाखा जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, भिवानी।
गांवों की फिरनी के भी फिरेंगे दिन
ग्रामीण क्षेत्र में गांवों की फिरनी के भी दिन फिरेंगे। इसके लिए पंचायती राज विभाग ने करोड़ों के बजट से जिले के करीब 72 गांवों में फिरनी पर स्ट्रीट लाइटें लगाने का काम शुरू किया है। नए साल में जिलेभर के संबंधित गांवों में फिरनी पर स्ट्रीट लाइट लगाने का काम पूरा होगा। इसके बाद गांवों की फिरनी दूधिया रोशनी से जगमगा उठेंगी। पंचायती राज विभाग दो चरण में फिरनी पर स्ट्रीट लाइट लगाने का काम करा रहा है। पहले चरण का काम पूरा हो चुका है जबकि दूसरे चरण के तहत चयनित गांवों में फिरनी पर स्ट्रीट लाइटें लगाई जा रहीं हैं।
जिले में शिवधामों का भी होगा जीर्णोद्धार
पंचायती राज विभाग जिले के 82 से अधिक गांवों के शिवधामों का भी जीर्णोद्धार का काम कराएगा। शिवधाम के जीर्णोद्धार का काम भी विभाग दो चरणों में करा रहा है। शिवधामों में लोगों के लिए बैठने की व्यवस्था, शिवधाम तक जाने का रास्ता पक्का कराना और पीने के पानी की व्यवस्था का काम होगा। इसके लिए पंचायती राज विभाग ने ई-टेंडरिंग से शिवधाम जीर्णोद्धार के कार्यों की निविदा करा कार्यादेश जारी किए हैं। इनका काम भी 2025 में पूरा होगा।
720 बेड के अस्पताल की ओपीडी और मेडिकल कॉलेज की सौ सीटों पर होंगे दाखिले
भिवानी जिले में नए मेडिकल कॉलेज की सौगात मिली है। मेडिकल कॉलेज में नए शिक्षा सत्र से सौ सीटों पर मेडिकल विद्यार्थियों के दाखिला किए जाएंगे। 720 बेड के जिला मुख्यालय के अस्पताल की ओपीडी की शुरुआत भी नए साल में होगी। मेडिकल कॉलेज के तीनों खंड बनकर तैयार हो चुके हैं। करीब 600 करोड़ से अधिक की लागत से मेडिकल कॉलेज की सौगात जिले को मिली है। इसके चालू होने से चिकित्सा सुविधाएं बढ़ेंगी। रोजगार के नए अवसर भी यहां के युवाओं को मिलेंगे।
नए प्रशासनिक खंड में एक ही छत के नीचे बैठेंगे अधिकारी
लघु सचिवालय परिसर में करीब 72 करोड़ रुपये की लागत से नया प्रशासनिक खंड भी बन रहा है। इस नए प्रशासनिक खंड के बनने के बाद सभी प्रशासन के अधिकारी एक ही छत के नीचे बैठकर लोगों की समस्याएं सुलझाएंगे। लोगों को भी सरकारी कार्यालयों में अपने कामकाज के लिए भटकना नहीं जाना पड़ेगा। प्रशासनिक खंड का करीब 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है। मार्च 2025 तक इसे चालू किए जाना भी प्रस्तावित है।
फोरलेन का काम भी होगा पूरा, नए बाईपास के लिए भी जल्द होगी भूमि अधिग्रहण
शहर के बाहर चारों तरफ नया बाईपास बन रहा है। भिवानी-हांसी फोरलेन निर्माण का काम भी चल रहा है। 43 किमी लंबे फोरलेन का काम भी दिसंबर 2025 तक पूरा होगा। भिवानी में बन रहे नए बाईपास पर भी बचे हुए हिस्से में भूमि अधिग्रहण का काम जल्द किया जाएगा। रोहतक, हांसी, लोहारू, दादरी, महम रोड को मिलाकर शहर के बाहर रिंग रोड का नया दायरा बनेगा। ये शहर का ड्रीम प्रोजेक्ट भी है।