शिरडी गए धारेडु गांव के चार युवकों की इंदौर के पास सड़क हादसे में मौत हो गई। बृहस्पतिवार को जैसे ही मृतकों के शव गांव में पहुंचे कोहराम मच गया। हर आंख नम थी और चेहरा उदास।
गमगीन माहौल में चारों शवों का अंतिम संस्कार किया गया। विभिन्न पार्टियों के अनेक नेताओं ने गांव में पहुंचकर शोक जताया। उल्लेखनीय है कि धारेडू गांव के चार युवक करीब 33 वर्षीय भीम सैन, करीब 21 वर्षीय नवीन, मुकेश, राजीव एक सितंबर को शिरडी के लिए रवाना हुए थे।
दो सितंबर की रात इंदौर के पास उनकी गाड़ी एक ट्राला से टकरा गई। जिसमें चारों की मौत हो गई। बृहस्पतिवार दोपहर करीब डेढ़ बजे चारों शव गांव पहुंचे। शवों के गांव में पहुंचते ही गांव में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था और ग्रामीण उन्हें ढांढस बंधा रहे थे।
शोक जताने पूरा गांव व आसपास के गांवों से भारी संख्या में ग्रामीण पहुंचे। दोपहर करीब दो बजे गमगीन माहौल में चारों शवों का अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा में भारी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर शोक जताया। डॉ. सत्यवीर भारद्वाज ने बताया कि मृतक भीम शादीशुदा था और उसे एक छोटा लड़का व एक लड़की है।
वह गांव में हलवाई की दुकान चलाता था। बाकी तीनों युवक नौकरी की तलाश में जुटे थे। सूचना पर विभिन्न पार्टियों के नेता भी शोक जताने पहुंचे। पूर्व विधायक डॉ. शिवशंकर भारद्वाज, डॉ. विजय, रामचंद्र कोंटिया, रामप्रताप, डॉ. रवि भीष्म, अनिल सर्राफ, सतबीर सिंह आदि ने शोक जताया और मृतकों के परिजनों को ढांढस बंधाया।