किसान सभा और मनरेगा कामगार यूनियन के आह्वान पर किसानों और मजदूरों ने मंगलवार को लघु सचिवालय के बाहर प्रदर्शन किया और धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो 21 दिसंबर को हिसार में 6 जिलों के किसान आयुक्त कार्यालय का घेराव करेंगे।
मंगलवार सुबह लघु सचिवालय के बाहर किसान और मजदूर एकत्र हुए। रोष सभा को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता अखिल भारतीय किसान सभा हरियाणा के उपाध्यक्ष इंद्रजीत ने केंद्र और राज्य सरकार की किसान मजदूर विरोधी नीतियों की जमकर आलोचना की और कहा कि किसानों की मांगों को पूरा नहीं किया जा रहा है। प्राकृतिक आपदाओं सफेद मक्खी की मार, सूखा व जलभराव आदि से बर्बाद हुई स्पेशल गिरदावरी हुए एक माह हो गया है, लेकिन आज तक बर्बाद फसलों की क्षति पूर्ति हेतु मुआवजा राशि नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि मनरेगा कानून के तहत मजदूरों व छोटे किसानों को जॉब कार्ड प्रदान किए जाने चाहिए तथा उन्हें कम से कम 200 दिन का रोजगार उपलब्ध करवाना चाहिए।
उन्होंने जिला प्रशासन और सरकार को चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो 21 दिसंबर को हिसार में 6 जिलों के किसान आयुक्त कार्यालय का घेराव करेंगे। इस रोष प्रदर्शन की अध्यक्षता किसान सभा के प्रधान शेर सिंह और कामगार यूनियन के जिला प्रधान ओमप्रकाश ने की। कार्यवाही का संचालन मनरेगा यूनियन के नेता रामफल देशवाल ने किया।
डीसी को ज्ञापन सौंपा
किसानों ने अपनी मांगों का ज्ञापन 11 सदस्यों को साथ लेकर उपायुक्त डा. साकेत कुमार को सौंपा। ज्ञापन सौंपने वालों में शेर सिंह, ओमप्रकाश, राममेहर, करता ग्रेवाल, बलवान बागड़ी, सुनीता कूंगड़, धर्मबीर कूंगड़, करतार नंबरदार, डा.जलबीर ठाकन व रामफल देशवाल शामिल थे।