भिवानी/बवानीखेड़ा/मुंढाल। आंधी और बारिश ने मंडियों में किसानों के अरमानों पर भी पानी फेर दिया है। मंडियों में अन्न की बेकद्री इस कद्र दिखाई दी कि ढेरियां बरसाती पानी से घिर गई और मंडी में पड़ा अनाज भी अब पानी निकासी नहीं होने की वजह से सड़ने लगा।
बवानीखेड़ा और धनाना की कच्ची मंडी में तो सबसे बुरे हालात बने। जहां खुले आसमान के नीचे पड़ा गेहूं बारिश में भीग गया। धनाना की कच्ची मंडी में करीब दो लाख गेहूं के कट्टों पर आफत बरसी। वहीं मंडी में करीब एक से दो फुट तक बारिश का पानी भी जमा हो गया।
यही हाल बवानीखेड़ा मंडी का बना, जहां गेहूं की ढेरियों के चारों तरफ बारिश का पानी ही नजर आ रहा था। बवानीखेड़ा मंडी में करीब ढाई लाख क्विंटल गेहूं का उठान होना बाकी है। जिला मुख्यालय की मंडी में भी बारिश से खुले में पड़ा गेहूं भीग गया। हालांकि आढ़तियों ने धूप निकलने के बाद उसे सुखाने का काम शुरू कर दिया।
मंडी के आढ़तियों ने ढुलाई ठेकेदार को ठहराया नुकसान का जिम्मेदार
बवानीखेड़ा मंडी व्यापारी प्रधान संदीप खेड़ी, सुखबीर थ्योरी, कुलदीप भीम, सुखवीर भाकर, अजीत सिंह ने बताया कि अचानक हुई बारिश से उन्हें भारी नुकसान हुआ है। मंडी में एक से दो फुट पानी भरा हुआ है। इसके लिए उन्होंने ठेकेदार सुंदर पाल को जिम्मेदार ठहराया। व्यापारियों ने बताया कि उठान नहीं होने के कारण ये समस्या बनी। ठेकेदार के पास कोई गाड़ी नहीं है। सभी व्यापारी अपनी निजी गाड़ियों से अपना माल वेयरहाउस एफसीआई गोदाम में पहुंचा रहे हैं। वहां भी लेबर की संख्या कम होने के चलते गाड़ी खाली नहीं हो पा रही। व्यापारियों ने बताया कि जब तक उनका अनाज सरकार के गोदाम में नहीं जाएगा तब तक वे किसानों को उनकी फसल का पैसा भी नहीं दे पाएंगे। इसलिए पैसे की समस्या किसानों में भी बनी हुई है।
चार लाख कट्टों की हो चुकी उठान
बवानीखेड़ा अनाज मंडी में ढुलाई ठेकेदार सुंदर पाल ने बताया कि 20 से 30 अप्रैल तक चार लाख कट्टों की उठान करवाई जा चुकी है। यदि बारिश नहीं आती तो लगभग एक सप्ताह के अंदर बवानीखेड़ा मंडी का पूरा अनाज सरकारी भंडारण में पहुंचा दिया होता। बवानीखेड़ा मंडी की औसत 10 लाख कट्टों की आती है, लेकिन इस बार गेहूं व सरसों की फसल अच्छी होने के कारण यह समस्या हुई। हर दिन 50 से 60 हजार कट्टों की उठान करवाई जा रही है। सरकार के तीनों गोदामों में तीन से चार लोडिंग प्वाइंट बनाकर अनाज मंडी से माल उठाकर गाड़ियों द्वारा रखा जा रहा है।
धनाना की कच्ची मंडी में बारिश के पानी ने बढ़ाईं मुश्किलें, खरीद ठप
धनाना की कच्ची मंडी में करीब दो लाख गेहूं के कट्टों यानी एक लाख क्विंटल गेहूं की उठान होनी अभी बाकी है। बारिश की वजह से आवक और खरीद के साथ उठान भी ठप हो गई है। खरीद एजेंसी के इंचार्ज खाद्य निरीक्षक बिजेंद्र सिंह का कहना है कि बारिश की वजह से मंडी में पानी जमा हो गया है। आढ़तियों को गेहूं की सुरक्षित जगह पर ढेरियां लगवाकर उसे सुखाने के निर्देश दिए गए हैं। सुखाने के बाद ही गेहूं की भराई कराकर उसकी उठान करवाई जाएगी। धनाना की कच्ची मंडी मुख्य सड़क से करीब पांच फीट नीची है। ऐसे में बारिश के पानी की निकासी भी कोई व्यवस्था नहीं है। इस वजह से किसानों का गेहूं खराब होने की आशंका भी बनी है। तेज आंधी में आढ़तियों के प्रबंध भी उड़ गए और खुले में पड़े गेहूं पर बारिश की आफत बरसी।
चारा मंडी में भी हजारों क्विंटल सरसों बारिश में भीगी
भिवानी की चारा मंडी में सीजन के दौरान खरीद की गई सरसों की उठान नहीं हो पाई है। हजारों क्विंटल सरसों खुले आसमान के नीचे खुली पड़ी है। जिस पर शुक्रवार अल सुबह आसमान से आफत बरसी। अब गीली सरसों की न तो भराई होगी न ही उसकी उठान कराई जाएगी। जबकि बारिश की वजह से सरसों की गुणवत्ता भी प्रभावित होगी। सीजन के दौरान भिवानी की अनाज मंडी में करीब आठ से दस लाख क्विंटल सरसों खरीद कराई गई है।