भिवानी। जिले में बुधवार को मौसम ने अचानक करवट ली और दोपहर बाद हुई बारिश के साथ कुल पांच एमएम वर्षा दर्ज की गई। शहर में बूंदाबांदी हुई, जबकि ढिगावा मंडी क्षेत्र के गांव खरकड़ी और सिंघानी में बारिश के साथ हल्की ओलावृष्टि भी हुई। मौसम में आए इस बदलाव से एक ओर सूख रही रबी फसलों को नवजीवन मिला वहीं हल्की ओलावृष्टि से कुछ स्थानों पर फसलों को नुकसान की आशंका भी जताई जा रही है।
बुधवार सुबह से ही बादल छाए रहे। दोपहर बाद ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश शुरू हुई। कुछ स्थानों पर थोड़ी देर के लिए छोटे आकार के ओले भी गिरे। ओले आकार में छोटे होने के कारण बड़े नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन मौसम में अचानक ठंड बढ़ गई। लोगों ने गर्म कपड़े रख दिए थे, परंतु तापमान में तीन से चार डिग्री की गिरावट दर्ज की गई।
किसानों का कहना है कि समय से पहले बढ़ी गर्मी के कारण रबी सीजन की सरसों और गेहूं की फसलें तेजी से पकाव की ओर बढ़ रही थीं। ऐसे में यह बारिश उनके लिए राहत लेकर आई है। ढिगावा मंडी क्षेत्र के किसान शमशेर सिंह, कर्मबीर और महासिंह ने बताया कि यदि ओलावृष्टि अधिक समय तक जारी रहती तो फसलों को नुकसान हो सकता था क्योंकि इस समय सरसों में फलियां आ चुकी हैं।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. देवीलाल ने बताया कि बुधवार को अधिकतम तापमान 22 डिग्री और न्यूनतम तापमान 14 डिग्री दर्ज किया गया। इससे पहले अधिकतम तापमान 28 डिग्री तक पहुंच रहा था। बारिश के बाद न्यूनतम तापमान में भी गिरावट दर्ज होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि वर्तमान बारिश रबी फसलों के लिए लाभकारी है। अचानक बढ़ी गर्मी के कारण सरसों तेजी से पक रही थी और गेहूं के लिए भी मौसम अनुकूल नहीं था। वर्षा से मौसम संतुलित हुआ है और फिलहाल तापमान फसलों के लिए उपयुक्त रहेगा।
बूंदाबांदी ने बढ़ाई फिर से ठंड
अचानक मौसम परिवर्तन के साथ बुधवार को शहर में भी बूंदाबांदी हुई, जिससे एक बार फिर ठंड बढ़ गई। हालांकि बारिश अधिक देर तक नहीं चली। दिनभर कभी हल्की धूप तो कभी बादल छाए रहे। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले दो से तीन दिन तक मौसम परिवर्तनशील बना रहेगा।
ओलावृष्टि से फसलों में हल्के नुकसान की आशंका
ढिगावा मंडी। क्षेत्र में बुधवार को हुई ओलावृष्टि से फसलों में हल्के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। गांव सिंघानी, खरकड़ी, ढिगावा जाटान व आसपास के कई गांवों में गेहूं, जौ, सरसों और चना की फसलों को नुकसान की संभावना व्यक्त की गई है। कृषि अधिकारी तकनीकी प्रबंधक विजय भुंगला ने बताया कि कई किसानों से हल्की ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान की सूचना मिली है। नुकसान का आकलन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ओलावृष्टि कम होने के कारण अधिक नुकसान की संभावना कम रहती है। संवाद