भिवानी। भिवानी की चारा मंडी में अब तक पांच लाख क्विंटल सरसों की सरकारी खरीद हो चुकी है। लेकिन मंडी से अब तक मात्र 70 हजार क्विंटल सरसों का ही उठान हुआ है। वहीं गेहूं की आवक ने भी अभी जोर पकड़ना शुरू किया है। इसके साथ ही भिवानी मंडी में अब तक करीब तीन लाख क्विंटल गेहूं की सरकारी खरीद हो गई है।
बुधवार को भिवानी मंडी में गेहूं की सरकारी खरीद नहीं हुई। वहीं सरसों के धीमे उठान और कर्मचारियों की मनमानी को लेकर आढ़ती बिफर गए और हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के गेट पर ही धरना शुरू कर दिया। आढ़तियों ने कर्मचारियों पर सरसों के उठान में मनमानी करने और धीमा उठान होने की वजह से किसानों के भुगतान अटकने पर रोष जताया और नारेबाजी की।
भिवानी मंडी में बुधवार को सरसों के 693 गेट पास काटे गए। ये किसान 12 हजार 210 क्विंटल सरसों लेकर चारा मंडी में पहुंचे। इसी तरह गेहूं के सिर्फ 86 किसानों ने ही गेट पास कटवाए और 4955 क्विंटल गेहूं की मंडी में आवक हुई। इसी तरह बुधवार को चारा मंडी में 677 किसानों की 12 हजार 36 क्विंटल सरसों की सरकारी खरीद कराई गई। जबकि चार हजार क्विंटल सरसों का ही मंडी से उठान हुआ। वहीं हरियाणा कृषि विपणन बोर्ड गेट पर धरना देकर बैठे आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान भूरू बंसल ने बताया कि अब भी मंडी में करीब साढ़े चार लाख क्विंटल सरसों खुले में पड़ी है। इसकी वजह से किसानों का भुगतान भी अटका हुआ है।
आढ़तियों ने कहा कि पिछली दफा भी भुगतान में देरी की वजह से ब्याज आढ़ती पर थोपा गया था, लेकिन इस बार सरसों का उठान बेहद धीमा चल रहा है। किसान के भुगतान में देरी पर इसका ब्याज भी अधिकारियों व संबंधित कर्मचारियों पर डाला जाए। आढ़तियों के धरने पर हरियाणा वेयर हाउस के जिला प्रबंधक ने पहुंचकर उनकी समस्याएं जानीं और तत्काल निदान का भरोसा देकर आढ़तियों का धरना समाप्त कराया।
भिवानी मंडी में अब तक तीन लाख 14 क्विंटल गेहूं की सरकारी खरीद हो चुकी है। वहीं गेहूं का खरीद के साथ तेजी से उठान भी कराया जा रहा है। अब तक भिवानी मंडी से करीब 50 हजार क्विंटल गेहूं का उठान भी हो चुका है। इन किसानों का भुगतान उनके संबंधित खातों में कराया गया है।
-खाद्य निरीक्षक उमेद सिंह, इंचार्ज, खरीद एजेंसी भिवानी अनाज मंडी।
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भिवानी की चारा मंडी में बुधवार को सरसों की खरीद कराई गई है। सरसों की खरीद के साथ उठान काफी धीमा है। बुधवार को 12 हजार क्विंटल से अधिक सरसों की सरकारी खरीद हुई है। उठान के साथ ही किसानों का खाते में भुगतान भी किया जा रहा है।
-मोहन, ऑक्शन रिकॉर्डर, चारा मंडी भिवानी।