भिवानी। परमहंस राधिकादास महाराज के जन्मशताब्दी महोत्सव एवं स्वामी सदानंद महाराज के वैराग्य वेशधारण के 50 वर्ष पूर्ण होने पर श्रीकृष्ण प्रणाली मंदिर स्थित राधिका धाम में 28 अक्तूबर से पांच दिवसीय कार्यक्रम होगा। कार्यक्रम आश्रम के संचालक स्वामी मुकुंद शरण महाराज की गरिमामई उपस्थिति में होंगे। यह जानकारी कृष्ण प्रणामी आश्रम भिवानी के अध्यक्ष राष्ट्रीय संत स्वामी सदानंद महाराज ने वीरवार को श्रीकृष्ण प्रणामी मंदिर में पत्रकार वार्ता में दी।
श्रीकृष्ण प्रणामी विश्व परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. मुरलीधर शास्त्री ने बताया कि श्रीकृष्ण प्रणामी जनकल्याण ट्रस्ट की स्थापना वर्ष 1984 में परमहंस ब्रह्मलीन राधिकादास महाराज द्वारा की गई थी, इनकी शताब्दी महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। उनके शिष्य एवं सह संस्थापक स्वामी सदानंद महाराज, जिन्होंने एक शिक्षक व सैनिक के रूप में राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देते हुए दोनों पदों से स्वेच्छा से सेवानिवृत्ति लेकर 50 वर्ष पूर्व सन्यास जीवन धारण किया था, उनका स्वर्णिम वर्ष का आयोजन किया जा रहा है।
डॉ. शास्त्री ने बताया कि राधिकादास महाराज के दीक्षित शिष्य एवं मंगलदास महाराज के संरक्षण में शिक्षित होकर सह संस्थापक स्वामी सदानंद महाराज संपूर्ण भारत वर्ष में श्रीमद्भागवत कथा के माध्यम से भारतीय संस्कृति का प्रचार-प्रसार किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में अपना घर के रूप में आश्रयहीन लोगों के लिए आश्रय प्रदान कर जनसेवा के क्षेत्र में महान कार्य किए जा रहे है। भिवानी और फतेहाबाद में करीब 200 महिला व पुरुष इस आश्रम में आश्रय पा रहे है।
इसके अलावा जरूरतमंद परिवार की कन्याओं का सामूहिक विवाह एवं निशुल्क पोलियो रोगियों का ऑपरेशन कैंप लगाकर करीब 80 हजार लोगों को जीवनदान दिया जा चुका है। वर्तमान में हिसार, फतेहाबाद, सिरसा, राजस्थान सहित विभिन्न स्थानों पर 108 गोशाला का निर्माण, संचालन, देसी नस्ल के गुणों का संवर्धन, गो सेवा के क्षेत्र में अग्रणी कार्य किए जा रहे है। डॉ. शास्त्री ने बताया कि 28 अक्तूबर को शोभायात्रा, 31 को राष्ट्रीय संगोष्ठी, 29 को परमहंस राधिकादास महाराज का जन्मशताब्दी महोत्सव एवं 30 अक्तूबर को स्वामी सदानंद महाराज का स्वर्णिम सन्यास वर्ष मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि 31 अक्तूबर को स्थानीय चौ. बंसीलाल विश्वविद्यालय एवं संस्था के संयुक्त तत्वाधान में राष्ट्रीय स्तर पर पर विद्वानों की संगोष्ठी की जाएगी, जिसमें सभी शोधार्थी एवं शोधपत्र वाचक उपस्थिति दर्ज करवाएंगे। इस अवसर पर रामकुमार गोयल, हनुमान तायल, दिलीप मिश्रा, दीनदयाल, अमित सिंघल, सीताराम, अशोक यादव, सुरेश केडिया, रमेश शर्मा, अशोक केडिया, गौतम शर्मा, उज्जवल, विनोद तायल, सुरेश प्रधान, सुरेश गर्ग उपस्थित रहे।