पहले ग्रेप के आदेश और अब मौसम की ठिठुरन से तारकोल की सड़क निर्माण के काम ठप हो गए हैं। पिछले काफी अर्से से सड़क परियोजनाओं का काम कभी पर्यावरण प्रदूषण तो कभी अन्य अड़चनों की वजह से रुक-रुक कर चल रहा था। अब तारकोल से निर्मित होने वाली सभी सड़कों पर काम बंद हो गया है। मौसम साफ होने के बाद ही तारकोल की सड़क का निर्माण शुरू होगा। अकेले पीडब्ल्यूडी विभाग की दस सड़क परियोजनाएं हैं, जिन पर फिलहाल मौसम की ठिठुरन से काम बंद हो गया है। जबकि एनएचएआई की सड़क परियोजनाओं पर भी मौसम का असर पड़ा है।
भिवानी जिले में रेलवे ओवरब्रिज परियोजनाओं के साथ-साथ सड़क परियोजनाओं के काम भी चल रहे हैं। ग्रेप के आदेशों से करीब डेढ़ माह से सड़क परियोजनाओं के काम अटके रहे थे। मगर अब मौसम में प्रदूषण कम हुआ तो धुंध छा गई। इसकी वजह से तारकोल से निर्मित होने वाली सभी सड़क परियोजनाओं का काम बंद हो गया। पीडब्ल्यूडी विभाग की ग्रामीण क्षेत्र के संपर्क मार्गों का काम चल रहा है। जबकि मुख्य सड़कों की मरम्मत का काम भी कंस्ट्रक्शन एजेंसियों को सौंपा हुआ है। ये एजेंसी सड़क बनाने का काम भी शुरु कर चुकी हैं, मगर फिलहाल काम बंद है।
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अधिकारियों का तर्क है कि ठंड में तारकोल की सड़क नहीं बन सकती हैं, क्योंकि तारकोल की सड़क निर्माण के लिए एक निश्चित तापमान की जरूरत होती है। इसके हिसाब से तारकोल को सड़क निर्माण में सेट किया जा सकता है। ठंड के मौसम में तारकोल जल्दी जम जाता है। इससे सड़क बनाने पर उसकी गुणवत्ता भी काफी हद तक प्रभावित होगी।
सड़क निर्माण की करीब दस परियोजनाओं पर जिले में काम चल रहा है। मौसम में ठिठुरन बढ़ने से फिलहाल तारकोल की सड़कों के निर्माण का काम बंद हो गया है। मौसम साफ होने के बाद ही इनका निर्माण आरंभ होगा। फिलहाल कोई नई सड़क परियोजना को अभी मंजूरी नहीं मिली है। कुछ मसौदे मुख्यालय जरूर भेजे हैं।
-लोकेश कुमार, कार्यकारी अभियंता, पीडब्ल्यूडी विभाग भिवानी।