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तीसरी मंजिल पर कोचिंग एकेडमी में लगी आग

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आदर्श महिला महाविद्यालय के सामने कोचिंग सेंटर की इमारत में लगी आग को बुझाने के लिए पहुंची फायर बि - फोटो : Bhiwani
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आदर्श कॉलेज के सामने एक बहुमंजिला इमारत स्थिति कोचिंग सेंटर के एसी में शार्ट सर्किट की वजह से बुधवार की शाम आग लग गई। परिसर पूरी आग के बाद से कोचिंग सेंटर में चारों ओर धुआं फैल गया। पूरे कक्ष में कोई स्थान न होने की वजह से मुख्य द्वार पर लगे कांच को तोड़ा गया। इसके बाद धुआं बाहर निकला। गनीमत ये रही कि हादसे से कुछ समय पहले ही यहां कक्षाएं खत्म हो चुकी थी और विद्यार्थी अपने घरों को जा चुके थे।
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बुधवार शाम करीब चार बजे आदर्श कॉलेज के सामने एक बहु मंजिला इमारत में स्थिति एक कोचिंग एकेडमी में शार्ट सर्किट से एसी में आग लग गई। जिसके बाद हड़कंप मच गया। स्टाफ के सदस्य आग बुझाने के प्रयास में लग गए पर हवा के लिए कोई रोशनदान न होने के कारण पूरे परिसर में धुआं फैल गया। हालांकि इस दौरान से बाहर का एक शीशा तोड़ने से धुआं बाहर निकला। जिससे वहां फंसे स्टाफ सदस्यों को राहत मिली। घने धुएं की वजह से दमकल कर्मचारियों का भी आग बुझाते समय दम घुटने लगा। आग से पड़ोस के अन्य कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरी में आए बच्चों में भी हड़कंप मच गया।
सूरत कांड से भी नहीं लिया सबक
मालूम हो कि चार माह पूर्व गुजरात के सूरत शहर में एक कोचिंग संस्थान में इसी तरह का अग्निकांड हुआ था। जिसमें 22 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद शासन ने प्रदेश के सभी शहरों में चलने वाले कोचिंग संस्थानों में अग्नि सुरक्षा उपायों का सर्वे कराया था। इसके बाद भी कुछ नहीं हुआ। जिसकी वजह से कोचिंग संचालकों के हौसले बुलंद है और वो अग्नि सुरक्षा नियामक की धड़ल्ले से मजाक उड़ा रहे हैं।
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आवागमन के लिए एक ही दरवाजा
सूचना पर पहुंची पुलिस ने जब कोचिंग एकेडमी का मुआयना किया तो वह भी हैरान रह गई। कोचिंग क्लास में एक ही दरवाजा था और क्लास रूम में कोई खिड़की नहीं। पूरा सेंटर पूरी तरह बंद। कोचिंग सेंटर की तीसरी मंजिल से नीचे उतरने के लिए भी एक ही सीढ़ी बनी थी। अगर आग ज्यादा होती और वहां बच्चे होते तो हादसा गंभीर हो सकता था।
सिलेंडर के जरिये बुझाई आग
दमकल विभाग के कर्मचारी ओम सिंह, धीरज सोनी व चालक राकेश ने बताया कि बहुमंजिला इमारत की तीसरी मंजिल पर उठ रहे धुएं को देखकर वहां तक पानी की बौछारे पहुंचने के लिए पहले पाइप ले जाने की योजना थी। ज्यादा समय लगता देख दमकल कर्मचारी गाड़ी के अंदर से सिलेंडर उठाकर ही सीधे ऊपर पहुंचे और घने धुएं से कोचिंग रूम में अंधेरे के बीच ही आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया।
सर्वे में मिले थे सभी कोचिंग सेंटर असुरक्षित
सूरत हादसे के बाद पिछले जून माह के अंत में एसडीएम के नेतृत्व में आग से असुरक्षित भवनों का सर्वे किया गया था। 34 एकेडमी में सर्वे किया गया और सभी असुरक्षित मिली। किसी के पास एनओसी नहीं थी। इसके अलावा 120 स्कूल, 86 अस्पताल, 40 गेस्ट हाउस भी असुरक्षित मिले थे।
यह थी सर्वे रिपोर्ट
संस्थान संख्या एनओसी
स्कूल 120 16
कॉलेज 06 00
अस्पताल 86 15
होटल 15 00
टिबड़ेवाल ऑडिटोरियम 01 00
कोचिंग सेंटर 34 00
हॉस्टल 09 00
गेस्ट हाउस 40 00
मल्टी स्टोरेज बिल्डिंग 09 02
वर्जन::: कोचिंग अकेडमी में आग की सूचना मिलने पर हालातों का जायजा लिया है। यहां पर अग्नि सुरक्षा के कोई प्रबंध नहीं किए गए कोचिंग रूम के अंदर दमघोंटू धुएं की वजह से आग बुझाने में दिक्कत आई। इस मामले की जांच कराई जाएगी और उच्चाधिकारियों को भी इसकी रिपोर्ट दी जाएगी।
-राममेहर, पुलिस कर्मी, सिविल लाइन पुलिस थाना।
वर्जन:::सूरत हादसे के बाद प्रदेश में ऐसे हादसों से बचाव संबंधित शिकायत मुख्य सचिव को शिकायत भेजी गई थी। फिर भी सरकार और प्रशासन समय रहते इस तरह के मामलों में कोई संज्ञान नहीं लेती, जब हादसा हो जाता है तो उस पर अफसोस जताने या फरि जांच के नाम पर महज लीपापोती ही की जाती है।
-बृजपाल परमार, प्रदेश अध्यक्ष स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन।
वर्जन:::अकेडमी की अतिरिक्त क्लास के लिए तीसरी मंजिल पर रूम बने हैं, जबकि सामान्य तौर पर कक्षाएं निचले तल पर लगाई जाती हैं। शाम चार बजे अचानक ही कमरे के अंदर लगे एसी में धुआं उठने लगा। आग एसी के अंदर कीट फटने से लगी है। जिस समय ये हादसा हुआ कोचिंग क्लास में कोई मौजूद नहीं था।
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-जितेंद्र, संचालक तक्षशिला अकादमी, हांसी रोड भिवानी।
पहले हुए सर्वे की जानकारी नहीं है। अगर ऐसा सर्वे हुआ था तो इसकी रिपोर्ट लेकर कार्रवाई की जाएगी। बच्चों की सुरक्षा सबसे पहले है।
सतीश कुमार, एसडीएम
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